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20 से ज्यादा राज्यों से आएंगे अन्नदाता, एक लाख ट्रैक्टर करेंगे मार्च, परेड की किसानों ने की तैयारी 'हैरतअंगेज'

किसानों का ट्रैक्टर मार्च (फाइल फोटो) किसानों का ट्रैक्टर मार्च (फाइल फोटो)

फोन पर पत्नी से जवान बोला- यहां सब ठीक है, तीन घंटे बाद आई शहादत की खबर, गम में डूबा गांव

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाकिस्तान की फायरिंग में अंबाला के सीनियर हवलदार निर्मल सिंह शहीद हो गए हैं। निर्मल सेना की 10 जेके राइफल्स यूनिट में तैनात थे। क्रॉस फायरिंग के दौरान यह घटना हुई। इसके बाद उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार देकर यूनिट बेस में ले जाया गया। हेलीकॉप्टर से मौके पर एक डॉक्टर को भी बुलाया गया लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। शहीद निर्मल सिंह अंबाला शहर के जनसूई गांव के रहने वाले थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा छह साल की बेटी और तीन साल के बेटे के अलावा एक दिव्यांग भाई भी है। निर्मल की शहादत की सूचना के बाद गांव में गम का माहौल बन गया।

सुबह करीब 11 बजे शहीद का शव हेलीकॉप्टर से अंबाला पहुंचेगा। शव यहां हेडक्वार्टर के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद तमाम औपचारिकता पूरी करने के बाद शव को सम्मान के साथ गांव जनसूई पहुंचाया जाएगा। जानकारी के अनुसार पुंछ में निर्मल सिंह सीनियर हवलदार पोस्ट कमांडर थे। सुबह 11 बजे अचानक पाकिस्तानी सेना से सीजफायर तोड़ दिया। नियंत्रण रेखा पर कृष्णा घाटी सेक्टर में बनी फॉरवर्ड पोजिशन पर की गई इस फायरिंग में हवलदार निर्मल सिंह घायल हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

तीन घंटे पहले पत्नी से की थी बातचीत
ऑनरेरी कैप्टन बजीर सिंह ने बताया कि सुबह आठ बजे करीब दो मिनट के लिए सरकारी फोन से निर्मल सिंह ने अपनी पत्नी से बातचीत की थी और कहा था कि यहां सब ठीक है। कैप्टन बजीर सिंह ने बताया कि निर्मल सिंह करीब तीन महीने पहले ही अंबाला अपने घर से वापस ड्यूटी पर आए थे।  जल्द ही उन्हें एक माह की छुट्टी पर जाना था।

दादा ने किया था लालन-पालन
ऑनरेरी कैप्टन बजीर सिंह ने बताया कि निर्मल सिंह के पिता त्रिलोक सिंह उन्हें पांच वर्ष की उम्र में ही छोड़ गए थे। इसके बाद उनका लालन-पालन दादा भगवान सिंह ने किया। लेकिन दो साल पहले भगवान सिंह का भी निधन हो गया था। इस समय परिवार संकट की स्थिति से गुजर रहा है। भाई दिव्यांग है। इसी तरह निर्मल सिंह की माता भी बीमार रहती हैं। परिवार में पत्नी के अलावा छह साल की बड़ी बेटी, तीन साल का छोटा बेटा है। इन सभी की जिम्मेदारी निर्मल सिंह के कंधों पर थी।
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मनरेगा कार्यों पर एक हजार करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च : डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे मनरेगा के तहत तालाबों की रिटेनिंग-वॉल, गऊघाट, बड़े स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए प्रार्थना मैदान, पीटी ग्राउंड बनाने, अनाज मंडियों में सब-यार्ड की मरम्मत व रखरखाव के अलावा गांवों के संपर्क मार्गों की मरम्मत कराएं। 

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में 20 जनवरी तक 722.39 करोड़ रुपये मनरेगा योजना के तहत खर्च किए जा चुके हैं। डिप्टी सीएम ने गुरुवार को ‘हरियाणा राज्य रोजगार गांरटी परिषद’ की छठी बैठक की अध्यक्षता की और मनरेगा के तहत किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सभी सीईओ को निर्देश दिए कि वे शिकायतों की साप्ताहिक मॉनीटरिंग करें। 

लेबर बजट बढ़ाकर 146 लाख कार्य दिवस किया
मनरेगा योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में उपलब्धि भरा कार्य करने पर लेबर-बजट पहले 100 लाख कार्य-दिवस से बढ़ाकर 140 लाख कार्य-दिवस किया गया और फिर पांच जनवरी को संशोधित करके 146 लाख कार्य-दिवस किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि ग्राम-पंचायत के भवन, सूखा व बाढ़ नियंत्रण एवं बचाव के कार्य, जमीन सुधार, सुक्ष्म सिंचाई, खेल का मैदान, पारंपरिक जल निकायों की मरम्मत, ग्रामीण संपर्क व पेयजल, जल संरक्षण के कार्यों समेत गरीब लोगों के पशुओं के लिए शेड आदि के विभिन्न कार्य किए गए। 

अन्य विभागों को भी निर्देश, मनरेगा के तहत कराएं कार्य 
दुष्यंत चौटाला ने सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें), मार्केटिंग बोर्ड, महिला एवं बाल विकास विभाग, वन, पशुपालन, कृषि एवं बागवानी समेत कई अन्य विभागों द्वारा मनरेगा के तहत किए गए खर्च की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को अपने विभागों में और अधिक कार्य करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने उक्त योजना के तहत पंचायतों के सोशल-ऑडिट की भी समीक्षा की। इसमें जानकारी दी गई कि प्रथम चरण में 659 ग्राम पंचायतों का और द्वितीय चरण में 753 ग्राम पंचायतों का सोशल-ऑडिट किया गया,31 मार्च 2021 तक तीसरे चरण में 1485 ग्राम पंचायतों का सोशल-ऑडिट कर दिया जाएगा।

ये अफसर रहे मौजूद
बैठक में सिंचाई एवं जल-संसाधन विभाग के एसीएस देवेंद्र सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के एसीएस अमित झा, वित्त एवं योजना विभाग के एसीएस टीवीएसएन प्रसाद, विकास एवं पंचायत विभाग के एसीएस सुधीर राजपाल, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के एसीएस राजाशेखर वुंडरु, वन एवं वन्य जीव विभाग की प्रधान सचिव जी. अनुपमा, महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक रेणु एस. फुलिया, ग्रामीण विकास विभाग के महानिदेशक हरदीप सिंह मौजूद रहे। 
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एचटेट परीक्षा परिणाम घोषित, सिर्फ 5.33 फीसदी पास, 94.67 फीसदी परीक्षार्थी फेल, यहां देखें रिजल्ट

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दो व तीन जनवरी को हुई हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) 2020 का परिणाम महज 18 दिन में घोषित कर दिया है। परिणाम इस बार निराशा भरा रहा और महज 5.33 फीसदी परीक्षार्थी ही पास हुए, जबकि 94.67 फीसदी परीक्षार्थी फेल हो गए।

लेवल एक पीआरटी में सबसे अधिक 7.04 फीसदी परीक्षार्थी पास हुए। लेवल दो टीजीटी में 5.15 और लेवल तीन पीजीटी में महज 4.07 फीसदी ही पास हुए। पिछली बार की तुलना में तीनों ही लेवल का परिणाम गिरा है। बोर्ड चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने परिणाम की घोषणा करते हुए बताया कि बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम देखा जा सकता है। 

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के एचटेट के लिए 261299 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। जिनमें से परीक्षा देने 237806 परीक्षार्थी पहुंचे। इनमें से महज 12696 परीक्षार्थी ही उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें 7947 महिला और 4749 पुरुष परीक्षार्थी पास हुए। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि लेवल-1 (पीआरटी) की परीक्षा में कुल 66,883 अभ्यर्थी प्रविष्ट हुए। 20553 पुरुष अभ्यर्थियों में से 1863 और 46330 महिला अभ्यर्थियों में से 2843 उत्तीर्ण हुईं। 
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सोनीपत में युवक की पीट-पीटकर हत्या, घर के बाहर फेंका शव, गांव के तीन युवकों पर लगे आरोप

हरियाणा में सोनीपत के गांव फिरोजपुर बांगर में एक युवक की बेरहमी से पीटकर हत्या कर दी गई और हमलावर उसके शव को घर के बाहर फेंक गए। सुबह पड़ोसी ने शव पड़ा देखकर युवक के पिता को अवगत कराया। युवक के पिता ने उसके तीन साथियों पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है, जिन पर पुलिस ने केस दर्जकर लिया है। 

गांव फिरोजपुर बांगर निवासी नरेश ने पुलिस को बताया कि गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे पड़ोसी ने बताया कि उसका बेटा दीपक (28) गली में बेसुध अवस्था में पड़ा है। वह गली में पहुंचे तो दीपक के शरीर पर चोट व रगड़ के कई निशान थे। वह उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खरखौदा लेकर पहुंचे जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नरेश का कहना है कि दीपक बुधवार शाम छह बजे बाइक लेकर निकला था। वह मारुति कंपनी में काम करता था। देर रात जब वह घर नहीं आया तो उसकी पत्नी प्रेमवती व पुत्रवधू उसे तलाश करते हुए खेत में गई थी। वहां उन्होंने दीपक को उसके साथी मुकेश, अनुज व साहिल के साथ बैठा देखा था। इसके बाद वह घर आ गई। नरेश ने शक जताया कि उसके साथियों ने ही उसकी हत्या की है।  

बेरहमी से पीटने के साथ शव को घसीटा गया
दीपक की बेरहमी से पीटकर हत्या की गई है। इतना ही नहीं उसके शव को घसीटा भी गया है। उसके शरीर पर चोट व घसीटने के चलते रगड़ के गहरे दर्जनों निशान मिले हैं। उसकी आंखों पर चोट के निशान मिले हैं। सामान्य अस्पताल में दीपक के शव का पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे चचेरे भाई ने बताया कि शाम को फोन आने के बाद दीपक घर से निकला था।

घर वालों ने उससे बाहर जाने का कारण पूछा तो उसने कहा था कि एक साथी की गाड़ी फंस गई है। उसे निकलवाने जा रहा हूं। दीपक जिस बाइक पर घर से गया था वह गांव में ही एक दुकान के बाहर खड़ी मिली है। जबकि दीपक का शव उसके घर के पास गली में मिला। अंदेशा है कि हमलावर उसकी बाइक पर ही डालकर उसे लेकर गांव आए थे।  

युवक की पीटकर हत्या की गई है। उसके पिता ने गांव के ही तीन युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या के कारणों से पर्दा उठ सकेगा। - बिजेंद्र सिंह, थाना प्रभारी, खरखौदा।
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जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सात साल के बेटे ने दी मुखाग्नि तो नम हुई हर आंख

सीमा सुरक्षा बल की 60 बटालियन में तैनात गांव सिवाना के सिपाही सचिन का 18 जनवरी को हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। गुरुवार सुबह तीन बजे सचिन का पार्थिव शरीर बेरी थाना पहुंचा, जहां से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सिवाना ले जाने के लिए दूबलधन चौक पर लाया गया। यहां से मोटरसाइकिलों के काफिले में सचिन के पार्थिव शरीर को फूलों से सजी गाड़ी में गांव सिवाना तक लाया गया। 

दूबलधन चौक से गांव सिवाना की 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब एक घंटे से ज्यादा का समय लगा। सचिन की अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। बीएसएफ के जवानों ने हवाई फायर कर सचिन को अंतिम सलामी दी। सचिन के सात वर्षीय बेटे रिहांत ने मुखाग्नि दी। सचिन को बेरी हलका के विधायक डॉ. रघुबीर कादियान, मनीष नंबरदार दुजाना, सांसद अरविंद शर्मा के प्रेस सलाहकार राज पारीक, कादियान खाप के पधान बिल्लू पहलवान, पूर्व सरपंच भागमल, जयभगवान, रवि कादियान ने श्रद्धांजलि दी। नायब तहसीलदार रमेशचंद्र, एएसपी विक्रांत भूषण, बेरी थाना प्रभारी मनोज कुमार भी मौजूद रहे।



जानकारी के लिए सचिन सीलकोर बॉर्डर आउटपोस्ट मिजोरम के आइजोल में 60 बटालियन में तैनात थे। 18 जनवरी को रात 12 बजे हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। इस बारे में कंपनी कमांडर ने सचिन के चाचा राजेश को फोन पर मंगलवार को जानकारी दी थी। सचिन की शादी वर्ष 2013 में रवीना के साथ हुई थी। सचिन का बेटा रिहांत प्रथम कक्षा में पढ़ता है, जबकि उसकी छोटी बहन अंशिका (5) यूकेजी में पढ़ती है। सचिन 13 जून 2015 में बीएसएफ की वाटर विंग में भर्ती हुए थे। 

नौ दिसंबर को छुट्टी लेकर घर आए थे सचिन
सचिन के बड़े भाई दीपक ने बताया कि सचिन नौ दिसंबर को छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। 23 दिसंबर को ड्यूटी पर चला गया था। 18 जनवरी को कंपनी कमांडर ने चाचा को सूचना दी कि हृदय गति रुकने से सचिन का निधन हो गया है। सचिन के दादा केवल राम ने कहा कि हमें अपने लाडले पर गर्व है। भारत माता की सेवा करते हुए अपने प्राणों को त्याग दिया है।

सचिन की मां अनीता और बहन प्रियंका की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। मां का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। गांव सिवाना के पूर्व सरपंच भागमल ने बताया कि करीब आठ साल पहले गांव के ही सीआरपीएफ जवान संतराम झारखंड के दंतेवाड़ा में शहीद हो गए थे।
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