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किसान आंदोलन में हिंसा की साजिश: अब गिरफ्तार युवक बोला- किसानों के दबाव में दिया बयान 

हरियाणा के कुंडली बॉर्डर से शुक्रवार को पकड़ा गया युवक सोनीपत के ही न्यू जीवन नगर का रहने वाला है। युवक से अपराध जांच शाखा की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। वहीं अब आरोपी युवक का भी एक वीडियो सामने आया है जिसमें युवक कह रहा है कि किसानों के दबाव में ही उसने पत्रकारों से बातचीत की थी। 

सीआईए की टीम अब उसे दिल्ली उसके मामा के घर लेकर गई है। शुक्रवार रात को कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने एक युवक को पकड़कर पत्रकारों के सामने उसकी बातचीत कराई थी। इस दौरान युवक ने चार किसानों की हत्या की साजिश से लेकर राई थाना के एसएचओ प्रदीप का नाम लिया था। किसानों का आरोप था कि कुछ युवक उनके आंदोलन को बदनाम करने के साथ ही चार किसान नेताओं की हत्या कराने की साजिश रच रहे हैं। 

युवक ने भी कहा था कि उनके करीब 50-60 साथी हैं, जिसमें से दस साथी राठधना गांव से है। उनमें से कुछ युवक किसानों में मिलकर पुलिस पर फायरिंग करेंगे। जिससे हंगामा हो सके। साथ ही उसने कहा था कि राई थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने उन्हें ऐसा करने की ट्रेनिंग दी थी। 




जांच में सामने आया था कि राई में थाना प्रभारी प्रदीप नहीं बल्कि विवेक मलिक हैं। इससे उसके बयान पर संदेह हो गया था। युवक को सीआईए के हवाले किया गया है। युवक से सीआईए की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। युवक ने दिल्ली में अपने मामा के घर से आने की बात कही है। जिसे लेकर उसे उसके मामा के घर भी ले जाया जा रहा है।

अब आरोपी युवक का भी वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें उसने पुलिस के सामने कहा है कि उसे किसानों ने मारपीट कर प्रेस के सामने झूठ बोलने के लिए विवश किया था। युवक ने बताया कि उसके मामा के घर बेटे का जन्म हुआ था। वह वहां से लौट रहा था। उसे किसानों ने एक दिन पहले पकड़ा था। उससे मारपीट कर उसे प्रेस के सामने झूठ बोलने को विवश किया गया था। जिसके चलते सीआईए अब पूरे मामले की सच्चाई जानने का प्रयास कर रही है। 

वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस मामले में कहा कि पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। हमारी तरफ से गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई हैं। 
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सोनीपत में पकड़ा गया युवक। सोनीपत में पकड़ा गया युवक।

खुले में नहीं रखा जाएगा अनाज, हरियाणा में 250 करोड़ की लागत से बनेंगे 22 नए गोदाम 

खुले में रखे जाने वाले अनाज को सुरक्षित रखने के लिए हरियाणा भंडारण निगम करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में 22 नए गोदाम बनाने जा रहा है। अहम बात ये है कि अमेरिका द्वारा इजाद की गई साइलो स्टोरबिन तकनीक से ये गोदाम बनाए जाएंगे। इसके तहत अनाज कीड़ों, बारिश और गर्मी से सुरक्षित रहेगा। निगम ने इसको लेकर कुछ स्थानों पर काम भी शुरू कर दिया है। संभावना है कि अप्रैल 2022 तक इनका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इन गोदाम की भंडारण क्षमता 5 लाख मीट्रिक टन होगी। 

इस समय निगम के पास 111 गोदाम हैं और इनकी क्षमता 19.77 लाख मीट्रिक टन है। निगम की ओर से गोदामों को बनाए जाने को लेकर टेंडर जारी किए जा चुके हैं और दस स्थानों पर तो काम भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही निगम जींद और भिवानी में डीएम ऑफिस भी बनाने जा रहा है। इस समय विभाग के पास 11 जिलों में डीएम कार्यालय हैं।

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यहां बनाए जाने हैं गोदाम
जींद और कैथल में दो-दो गोदाम बनाए जाएंगे। इसके अलावा, रोहतक, उचाना, बापौली, पानीपत, चीका, टोहाना, फतेहाबाद, यमुनानगर, सिरसा, रेवाड़ी, सोनीपत, पलवल(होडल), करनाल, हांसी, कैथल में एक-एक गोदाम बनाया जाना है। इनमें से 11 पर काम शुरू हो गया है। इनमें गेहूं, धान, बाजरा, कपास, सरसों समेत अन्य फसलों को सुरक्षित रखा जा सकेगा।

मंडी के पास होंगे गोदाम, पुरानों को किया जाएगा शिफ्ट
गोदामों के बनाए जाने में इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है कि गोदामों का निर्माण अनाज मंडियों के पास हो। निगम पदाधिकारियों का तर्क है कि इससे परिवहन का खर्च बचेगा और अनाज को जल्दी गोदामों तक पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा ये भी प्रस्ताव तैयार किया गया है कि जो गोदाम पुराने हो गए हैं और आबादी के अंदर आ गए हैं, जहां पर वाहनों के आने जाने में परेशानी होती है, उनको शिफ्ट किया जाएगा। 
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ट्रैक्टर परेड में पुलिस की वर्दी पहन 60 युवकों को करना था बवाल, एक को पकड़ा, कई खुलासे

किसान आंदोलन: हल लेकर दिल्ली की रिंग रोड पर 26 जनवरी को पैदल परेड भी करेंगे किसान

26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल सेना के हथियारों की झांकी की तर्ज पर किसान संगठन खेती के औजारों को शामिल करने की योजना पर काम कर रहे हैं। गुरुवार देर रात टीकरी सीमा पर हुई किसान संगठनों की बैठक में दिल्ली कूच के दौरान रिंग रोड पर हलों के साथ किसान पैदल परेड निकालने का फैसला किया गया। साथ ही तय किया गया कि ट्रैक्टर परेड को नियंत्रित करने के लिए किसान अपने प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की तैनाती करेंगे।

टीकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों की आयोजित बैठक में केंद्र के कृषि कानूनों को 1.5 साल तक टालने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया गया। बैठक में शामिल किसान नेताओं ने 26 को होने वाले ट्रैक्टर मार्च को ऐतिहासिक बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। 

गणतंत्र दिवस की परेड में सेना अपने हथियारों को लेकर शामिल होती है। बैठक में तय किया गया कि किसान भी दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड के साथ हल और कृषि में उपयोग होने वाले औजारों को लेकर पैदल परेड करेंगे। इसके जरिए केंद्र को संदेश दिया जाएगा कि सरकार द्वारा कृषि कानूनों के जरिए किसानों के औजारों को छीनने का प्रयास किया जा रहा है। किसान केंद्र सरकार की इस मंशा को बखूबी समझ गया है। किसान नेताओं ने बैठक में कुछ और भी अहम बिंदुओं पर विचार विमर्श किया, जिस पर अमल करने के लिए पंजाब सहित दूसरे राज्यों के किसान नेताओं से भी संपर्क किया गया।

हर हाथ में रहेगा किसान आंदोलन का झंडा
बैठक के दौरान किसान आंदोलन के झंडे पर भी किसान नेताओं का विशेष फोकस रहा। किसान नेताओं ने तय कि 26 को होने वाली ट्रैक्टर परेड के दौरान आंदोलन में शामिल हर किसान के पास आंदोलन का झंडा रहेगा। इससे किसान आंदोलन में कृषि कानूनों के विरोध में एकजुटता को बल मिलेगा। साथ ही सरकार के समक्ष सकारात्मक संदेश जाएगा।
26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड ऐतिहासिक होगी। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जहां कुछ कमी है उसे दूर किया जा रहा है। किसानों का मुख्य औजार हल है और वह आंदोलन का अहम हिस्सा है। यदि किसान अपने हल लेकर परेड निकालना चाहता है तो वह कोई अपराध नहीं है। - शिंगारा मान सिंह, किसान नेता, पंजाब।
 
किसानों का औजार है हल। 26 को होने वाली ट्रैक्टर परेड में पंजाब से कई किसान अपने इस खेती के औजार को लेकर शामिल होंगे। किसानों को हल से कोई भी ताकत दूर नहीं कर सकती। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)
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जब साथ रहने की संभावनाएं खत्म हो जाएं तो तलाक के लिए कानूनन इंतजार की जरूरत नहीं: हाईकोर्ट

किसान आंदोलन। (फाइल फोटो)
दंपती द्वारा तलाक के लिए छह माह की कानूनन साथ रहने की समय सीमा माफ करने की याचिका को स्वीकार करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को तलाक पर तुरंत फैसला लेने का आदेश दिया है। हिसार निवासी दंपती ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि उनका विवाह 2018 में हुआ था और 2019 तक दोनों साथ रहे। इस दौरान उनके बीच संबंध बिगड़ने लगे और हालात ऐसे हो गए कि अब वह साथ नहीं रहना चाहते हैं। 

दोनों सहमति से तलाक चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने अक्तूबर 2020 को हिसार की फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका भी दाखिल की है। याची ने बताया कि फैमिली कोर्ट ने दोनों के बयान दर्जकर सुनवाई अप्रैल 2021 तक टाल दी है। 

फैमिली कोर्ट में दंपती ने तलाक के लिए छह माह साथ रहने की शर्त हटाने के लिए अर्जी भी दाखिल की थी। लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। महिला ने बताया कि अब वह किसी और से विवाह करना चाहती है लेकिन तलाक न मिलने के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रही है। फैमिली कोर्ट से अर्जी खारिज होने के बाद अब उनके पास हाईकोर्ट के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। 

हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि पति-पत्नी के बीच अलगाव पैदा हो गया हो और भविष्य में उनके प्रेम से रहने की संभावना खत्म हो गई हो तो इस अवधि से छूट दी जा सकती है। साथ ही अदालत को यदि यह लगे कि कुछ दिन साथ रहने से रिश्तों की खटास समाप्त नहीं होगी तो ऐसे में छह माह की अवधि का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
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हिसार में एनेस्थीसिया देने के बाद सात वर्षीय बच्चे की मौत, परिजनों ने किया बवाल, अस्पताल प्रबंधन पर केस दर्ज

हिसार के कैंप चौक के नजदीक स्थित मान आई अस्पताल में शुक्रवार को सात वर्षीय बच्चे की एनेस्थीसिया देने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल पर पथराव भी किया। इसके चलते मौके पर तैनात भारी पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग किया। 

मृतक बच्चे के पिता 12 क्वार्टर निवासी मोहित का कहना है कि वह बुधवार को अस्पताल आए थे। यहां उनके बेटे पार्थ की दाईं आंख में हल्का भैंगापन होने के कारण डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही थी। उस दौरान डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि ऑपरेशन पर 52 हजार रुपये का खर्च आएगा। डॉक्टर ने उन्हें ऑपरेशन के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे का समय दिया था। मोहित के अनुसार शुक्रवार सुबह परिजन जब पार्थ को लेकर अस्पताल पहुंचे तो बच्चे को डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर में ले गए। 

मोहित ने बताया कि डॉक्टर ने कुछ देर बाद बच्चे को जिंदल अस्पताल भेजने की बात कही और कहा कि उसका इलाज जिंदल में होगा। मोहित ने बताया कि जब उन्होंने इसका कारण जानना चाहा तो डॉक्टर ने उससे बहस शुरू कर दी। मोहित का आरोप है कि इस बीच जब उसने बच्चे पार्थ को बेहोश देखा तो उसे कुछ अंदेशा हुआ। इस बारे में स्टाफ से बात करनी चाही तो स्टाफ ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। 

मोहित ने बताया कि जब वह अपने बेटे को जिंदल अस्पताल लेकर पहुंचा तो वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बच्चे के परिजन वापस मान अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। रोष बढ़ता देख अस्पताल की ओर से पुलिस को फोन कर बुलाया गया। 

शाम होते-होते अस्पताल के बाहर छावनी जैसा माहौल बन गया। मृतक पार्थ के परिजन डॉक्टर की गिरफ्तारी पर अड़े रहे लेकिन डॉक्टर मौके से फरार हो चुका था। इस दौरान देखते-देखते लोगों का जमावड़ा लग गया। बाद में एसपी बलवान सिंह राणा मौके पर पहुंचे और परिजनों को डॉक्टर की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिजनों को बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी किया। इसके बाद शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह भिजवाया गया। पोस्टमार्टम शनिवार सुबह किया जाएगा। वहीं देर रात अस्पताल प्रबंधन पर केस दर्ज हो गया है। 
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ट्रैक्टर परेड के लिए किसानों की रवानगी शुरू, पंजाब में युवा मुफ्त में भरवा रहे डीजल

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