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दिल्लीः ऑनलाइन क्लास न कर पाने वाले बच्चों के लिए कांस्टेबल बने सहारा, मंदिर में ले रहे क्लास

दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल कोरोना काल में जरूरतमंद बच्चों के लिए मदद का बड़ा हाथ बनकर सामने आया है। कांस्टेबल ने कोरोनाकाल के दौरान गरीब और जरूरतमंद...

20 अक्टूबर 2020

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Digital Edition

दिल्ली हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी- अगर नेता भीड़ हिंसा का शिकार हो जाएं तो कोई आश्चर्य नहीं

हाईकोर्ट ने तीनों नगर निगमों के कर्मचारियों को वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं करने पर दिल्ली सरकार व तीनों एमसीडी को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने तल्ख टिप्पणी में कहा कि चीजें नहीं बदलती हैं और इसी तरह चलती रहीं तो आश्चर्य नहीं होगा कि राजनीतिक नेताओं और इनसे जुड़े लोगों से जनता मारपीट शुरू कर दे। 

हाईकोर्ट ने कहा दिल्ली सरकार, एमसीडी व केंद्र सरकार के बीच सैंडविच बन गई है, क्योंकि वह विरोधी पार्टी है। एमसीडी और दिल्ली सरकार एक दूसरे के साथ कुत्ते-बिल्लियों की तरह लड़ रही हैं और हम उनके रवैये से शर्मिंदा हैं। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर नगर निगमों और स्थानीय निकायों को उनके बकाया ऋणों के एवज में वसूली गई या उनसे समायोजित की गई राशि को वापस स्थानांतरित करे।  

खंडपीठ ने कहा कि फंड की कमी और वेतन का भुगतान न होने की समस्या इसलिए पैदा हुई है क्योंकि दिल्ली सरकार विपरीत राजनीतिक दल से ताल्लुक रखती है। पार्टियां अपने नेताओं को बताएं कि उन्हें परिपक्व होना है और इस सब से ऊपर उठना है। सब यूं ही चलता रहा तो हमें आश्चर्य नहीं होगा कि राजनीतिक नेताओं को बड़े पैमाने पर जनता द्वारा मार डाला जाएगा। 

न्यायमूर्ति सांघी ने कहा वे यह नहीं बता सकते कि हम आप सभी (दिल्ली सरकार और नगर निगमों) से कितने निराश हैं। आप पूरी तरह से लापरवाही से व्यवहार कर रहे हैं और गरीब कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशन भोगियों की बिल्कुल चिंता नहीं हैं।

एमसीडी से मांगा खर्चों का विवरण
अदालत ने एमसीडी को भी अप्रैल 2020 से अपने खर्चों का विवरण देने को कहा है। ऐसा न करने पर संबंधित अधिकारियों को 22 फरवरी को पेश होने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि एमसीडी और स्थानीय निकायों को जो राशि मिली है या प्राप्त होगी उसे कर्मचारियों के वेतन और पेंशन जारी करने के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए खर्च नहीं किया जाएगा। पहले बकाया भुगतान किया जाए उसके बाद ही अन्य खर्चे पूरे किए जाएं।
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दिल्ली उच्च न्यायालय दिल्ली उच्च न्यायालय

यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम से लैस होगा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर

दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया, ताईवान, दक्षिण कोरिया एवं सऊदी अरब के सबसे बेहतर ट्रेन कंट्रोल सिस्टम की तरह ही इस ट्रैक पर इसी तकनीक का इस्तेमाल होगा।

कॉरिडोर के सिग्नलिंग, ट्रेन कंट्रोल एवं टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम के डिजाइन, आपूर्ति एवं इंस्टॉलेशन पर करीब 910 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।

दिल्ली-मेरठ के बीच तैयार हो रहे रैपिड रेल कॉरिडोर को विदेशों की तर्ज पर सिग्नलिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसका टेंडर 12 हजार हॉर्स पावर का भारतीय रेलवे के लिए विद्युत इंजन तैयार करने वाली कंपनी एल्सटॉम को दिया गया है। इसमें सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल, सुपरविजन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स एवं टेलीकम्युनिकेशन सिस्टम का डिजाइन, आपूर्ति, टेस्टिंग एवं कमिशनिंग शामिल होगी।

यह भारत की पहली ऐसी लाइन होगी, जहां यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम (ईटीसीएस) हाईब्रिड लेवल-3 सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। यूरोप के रेल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ईआरटीएमएस) का प्रमुख सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल कंपोनेंट है।

एल्सटॉम एशिया पैसिफिक के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के अनुसार, फ्यूचरप्रूफ सिग्नलिंग सिस्टम के साथ भारत की पहली रेल लाइन स्थापित की जाएगी। यात्रियों को ट्रेन बदलते वक्त दिक्कत नहीं हो, इसके लिए अलग से कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे यात्रियों के लिए बेहतर आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। इस सिग्नलिंग सिस्टम का फायदा यह भी होगा कि ट्रेन ज्यादा से ज्यादा फेरे लगाएगी। इससे यात्रियों के  इंतजार करने के समय में कमी आएगी।

डिजिटल इंटरलॉकिंग व ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) की मदद ली जाएगी। ईटीसीएस हाईब्रिड लेवल-3 रेडियो-बेस्ड सिग्नलिंग सिस्टम के माध्यम से लगातार ट्रेन नियंत्रण व सुपरविजन किया जाएगा। यह दुनिया का सबसे प्रभावशाली ट्रेन कंट्रोल सिस्टम है, जो यातायात की क्षमता, समय की पाबंदी, विश्वसनीयता, सुरक्षा, रखरखाव के खर्च एवं ऊर्जा की बचत के मामले में बेहतर है। यह सिस्टम ट्रेनों को पटरियों के किनारों पर लगे सिग्नल्स के बिना तेज स्पीड में चलने में समर्थ होता है। 
 
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गणतंत्र दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल कल, राजपथ और इंडिया गेट आने से बचें

गणतंत्र दिवस-2021 की फुल ड्रेस रिहर्सल 23 जनवरी को आयोजित होगी। रिहर्सल सुबह 9.50 बजे शुरू होगी। परेड विजय चौक से शुरू होकर नेशनल स्टेडिमय तक जाएगी। पहले ये परेड विजय चौक से 8.3 किमी की दूरी तय कर लालकिले तक जाती थी। इस बार कोरोना के चलते परेड के रूट को छोटा किया गया है और परेड विजय चौक से 3.3 किमी की दूरी तय कर नेशनल स्टेडियम तक जाएगी। 26 जनवरी को भी करीब-करीब यही अरेंजमेंट रहेगा। 26 जनवरी को परेड़ की झांकियां लालकिले तक जाएंगी। इस कारण 26 जनवरी को कुछ अतिरिक्त मार्ग बंद किए जाएंगे।

दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त(ट्रैफिक) मनीष अग्रवाल ने बताया कि परेड विजय चौक से शुरू होकर राजपथ पर अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट, प्रिंसेस प्लेस गोलचक्कर, तिलक मार्ग रेडियल रोड से लेफ्ट टर्न, सी-हेक्सागॉन राइट टर्न और लेफ्ट टर्न लेकर नेशनल स्टेडिमय के गेट नंबर एक पर खत्म होगी। 23 जनवरी की फुल ड्रेस रिहर्सल को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस 22 जनवरी को रात 11 बजे के बाद विजय चौक, रफी मार्ग, जनपथ आदि मार्गों को बंद कर दिया जाएगा।  

इन मार्गो पर प्रतिबंध रहेगा
22 जनवरी की शाम छह बजे से लेकर  23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल खत्म होने तक विजय चौक पर ट्रैफिक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। 22 जनवरी को रात 11 बजे से लेकर 23 जनवरी को परेड खत्म होने तक राजपथ इंटरसेक्शंस(क्रॉस) रफी मार्ग, जनपथ, मानसिंह रोड ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहेगा इंडिया गेट सी-हेक्सागॉन 23 जनवरी को सुबह 9.15 बजे से लेकर परेड खत्म होने तक बंद रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक ने लोगों को सलाह दी है कि फुल ड्रेस रिहर्सल वाले दिन सुबह नौ बजे से लेकर 12.30 बजे तक राजपथ पर आने से बचें।

नार्थ से साउथ से ऐसे जाए
नार्थ से साउथ जाने के लिए लोग रिंग रोड, आश्रम चौक, सरायकालेखां, आईपी फ्लाईओवर, राजपथ व रिंग रोड होकर जाए। मदरसा, लोधी रोड टी पाइंट, अरविंदो मार्ग, एम्स चौक, रिंग रोड, धौला कुंआ, वंदे मातरम मार्ग, शंकर रोड, शेख मुजीबुर रहमान रोड- मंदिर मार्ग होकर आ-जा सकते हैं।

पूर्व से पश्चिमी ऐसे जाएं
लोग पूर्व से पश्चिमी रिंग रोड, भैरो रोड, मथुरा रोड, लोधी रोड, अरविंदो मार्ग, एम्स चौक, ररोंग रोड, धौला कुंआ, वंदे मातरम मार्ग, शंकर रोह और मंदिर मार्ग होकर आ-जा सकते हैं। रिंग रोड, बुलेवर्ड रोड, बर्फ खाना चौक, रानी झांसी फ्लाईओवर, फैज रोड, वंदे मातरम मार्ग और शंकर रोड गोलचक्कर होकर आ-जा सकते हैं।

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ऐसे जाए-
साउथ से नई दिल्ली जाने वाले लोग धौला कुंआ, वंदे मातरम मार्ग, पंचकुईया रोड, आउटर सर्किल कनॉट प्लेस, चेम्सफोर्ड रोड होकर पहाडग़ंज साइड नई दिल्ली रेलवे स्टेशन व मिंटो रोड होकर अजमेरीगेट साइड से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जा सकते हैं। पूर्वी दिल्ली से लोग बुलेवर्ड रोड, रानी झांसी फ्लाईओवर, झंडेवालां, डीबी गुप्ता रोड, शीला सिनेमा रोड होकर जा सकते हैं। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए रिंग रोड जा सकते हैं।

सिटी बसें यहां खत्म हो जाएंगी- 
23 व 26 जनवरी को सिटी बसें शिवाजी स्टेडियम, आईएसबीटी-सराय कालेखां, कमला मार्केट गोलचक्कर, दिल्ली सचिवालय, प्रगति मैदान-भैरों रोड, हनुमार मंदिर-यमुना बाजार, मोरी गेट और आईएसबीटी-कश्मीरी गेट पर खत्म हो जाएंगी। 
 
इंटर स्टेट बसें यहां खत्म हो जाएंगी-
गाजियाबाद से आकर शिवाजी स्टेडियम जाने वाली बसें एनएच-9 लेकर भैरों मार्ग पर खत्म हो जाएंगी। गाजियाबाद से आकर मोहन नगर जाने वाली बसें भोपुरा चुंगी होकर वजीरावाद ब्रिज जाएंगी। धौला कुंआ की तरफ आने वाली बसें धौला कुंआ पर खत्म हो जाएंगी। 

दो मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद
23 जनवरी को सुबह पांच बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक केन्द्रीय सचिवालय और उद्योग भवन मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश व निकास बंद रहेगा। 

सैनिटाइजर व मेडिकल टीम तैनात की जाएंगी
संयुक्त पुलिस आयुक्त मनीष अग्रवाल ने बताया कि 26 जनवरी की परेड के दौरान हर एंक्लोजर में तापमान मापने वाले थर्मामीटर, ग्लब, मास्क, सैनिटाइजर और मेडिकल टीम तैनात की जाएंगी। मेडिकल टीम को लगता है कि किसी दर्शन को मेडिकल सहायता की जरूरत है तो टीम तुरंत उसकी सहायता करेगी और तुरंत उपचार उपलब्ध कराएगी। 

26 जनवरी को कुछ अतिरिक्त मार्ग बंद रहेंगे
इस बार कोरोना को देखते हुए रूट का मार्ग पांच किलोमीटर कम किया गया है। पहले परेड लाल किले तक जाती थी। इस बार परेड सिर्फ नेशनल स्टेडियम तक जाएगी। हालांकि 26 जनवरी को परेड के टैबूल लालकिले तक जाएंगे। ऐसे में 26 जनवरी को तिलक मार्ग, बीएसजैड मार्ग, आईटीओ, दिल्ली गेट और नेताजी सुभार्ष मार्ग आदि परेड खत्म होने तक बंद रहेंगे। 
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दिल्ली में पांचवां सीरो सर्वे पूरा, इस महीने के अंत तक आएगी रिपोर्ट

राजधानी में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए सीरो सर्वे का पांचवा चरण बृहस्पतिवार को पूरा हो गया। 10 जनवरी से शुरू हुए इस सर्वे  के जरिए यह पता लगेगा कि इस समय कितने फीसदी लोगों में संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी हैं। इससे दिल्ली में कोरोना की स्थिति का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया जा सकेगा।

 स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, सर्वे में उन्हीं नियमों का पालन किया गया, जो नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) की तरफ से किए गए पिछले चार सर्वे में किया गया था। इस बार सभी 11 जिलों से 27,945 लोगों के नमूने लिए गए। सैंपल की संख्या के लिहाज से यह अभी तक का सबसे बड़ा सर्वे हैं। 

इसके  परिणाम इस माह के अंत तक आने की संभावना है। जिन लोगों के नमूने इससे पहले सर्वे में लिए गए थे इस बार उनके सैंपल नहीं लिए गए। इसमें उन्हीं लोखगों के सैंपल लिए गए, जिनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं थे। सर्वे में सभी उम्र और इलाकों के लोगों को शामिल किया गया है। 

अधिकारी के मुताबिक, पिछले चार सर्वे करने वालों कर्मचारियों ने ही इस सर्वे का काम किया है। इसके कारण कोई समस्या नहीं हुई और निर्धारित समय के अंदर ही यह कार्य पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक सर्वे के परिणाम आने की उम्मीद है। 

इसकी रिपोर्ट पहले स्वास्थ्य विभाग को सौंपी जाएगी। सके बाद ही आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे। इससे पहले अक्तूबर माह में चौथा सर्वे किया गया था, जिसमें करीब 25  प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित मिले थे। यानी, एक चौथाई लोगों में एंटीबॉडी विकसित होने की बात सामने आई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार यह आंकड़ा बढ़ सकता है। 
 
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प्रेरणा और प्रकृतिः सड़क पर बोतल फेंकने वाले लोगों को उपहार में दे रहे हैं पौधा

जांच के लिए सैंपल देते लोग
पेड़-पौधे बच्चे हैं तो प्राकृति उनकी मां...। अपने दादा से सुनी यह बात दिल्ली पुलिस के सिपाही आशीष कुमार दहिया को इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने प्राकृति को बचाने का प्रण ही ले लिया। दिल्ली पुलिस में आशीष भर्ती हुए तो उनकी ड्यूटी इंडिया गेट पर लगी। यहां लोग पानी व कोल्डड्रिंक की प्लास्टिक की बोतलों को यूं ही सड़क पर फेंक देते थे। आशीष उन बोतलों को उठाते और उनमें मिट्टी डाल पौधा लगाकर यहां आने वाले लोगों को तोहफा दे देते। 

उनके इस कदम से न सिर्फ प्लास्टिक वेस्ट से निपटने में मदद मिली बल्कि लोगों में भी प्राकृति को बचाने के लिए जज्बा बढ़ने लगा। दिल्ली  पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को आशीष की पहल का पता लगा तो उन्होंने उनकी खूब तारीफ की। पूर्व पुलिस आयुक्त आमूल्य पटनायक ने तो मिलकर आशीष को शबाशी दी। आशीष ने भी पूर्व आयुक्त को पौधा भेंट कर दिया। अपनी इस मुहीम में पिछले नौ सालों के दौरान आशीष कुमार दो हजार से ज्यादा पौधे लगाकर लोगों का गिफ्ट कर चुके हैं। 

मूलरूप से गांव सिसाना, सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले आशीष कुमार (38) वर्ष 2012 में दिल्ली पुलिस में चालक सिपाही भर्ती हुए थे। फिलहाल वह नजफगढ़ इलाके में रह रहे हैं। शुरूआत में आशीष की तैनाती पीसीआर वैन पर रही। इसके बाद वर्ष 2018 में एनएसजी से कमांडो की ट्रेनिंग लेने के बाद आशीष पराक्रम वैन पर तैनात हो गए। आशीष ने बताया कि शुरूआत में वह इंडियागेट पर रहे। यहां लोग घूमने आते और बोतले सड़क पर फेंक देते। 

आशीष ने उन बोतलों को उठाया और बीच से काट दिया। बाद में वहां इंडिया गेट से ही मिट्टी बोतल में डालते, उसमें मौसमी पौधे लगाकर बोतल फेंकने वालों को ही गिफ्ट कर देते। पौधा देने के साथ-साथ वह लोगों को चार-पांच पौथे लगाने के लिए जरूर प्रेरित करते। शुरूआत में उनके साथियों ने उनका मजाक भी उड़ाया, लेकिन आशीष इससे बिल्कुल भी आहत नहीं हुए और उन्होंने अपने साथियों को भी पेड़-पौधों की महत्वता बताई। 

बाद में मजाक उड़ाने वाले साथी ही उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे। आशीष की इस मुहीम को समर्थन करने के लिए कई निजी संस्थाओं ने उनको सम्मानित भी किया। वरिष्ठ अधिकारी भी उनकी इस अनूठी पहल से बेहद खुश हैं। फिलहाल अभी आशीष नेताजी सुभाष पैलेस इलाके में पराक्रम वैन पर तैनात हैं।

अपने दादा से प्रभावित होकर शुरू की मुहिम...
आशीष बताते हैं कि सन 1995 में नहर की पटरी टूटने से उनके गांव में बाढ़ आ गई। पूरे गांव में पानी भर गया। आशीष उस समय महज 12 वर्ष के थे। दादा स्व-चौधरी बस्तीराम दहिया से बाढ़ का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि नहर के किनारे पेड़ नहीं लगे थे, इसकी वजह से पटरी टूटी और बाढ़ आ गई। दादा ने आशीष को कहा कि यदि पेड़ होते थे तो बाढ़ न आती। दादा की यह बात आशीष के मन को छू गई। वह तभी से वह गांव, स्कूल और बाद में कॉलेज में भी पेड़ लगाने लगे। दिल्ली पुलिस में आने के बाद तो इस मुहीम को उन्होंने जीवन का हिस्सा ही बना लिया।

शादी या जन्मदिन पर पौधा देकर मुबारकबाद देते आशीष...
आशीष के पिता सेना से रिटायर हैं। उनका छोटा भाई विरेंद्र भी दिल्ली पुलिस में सिपाही है। पत्नी पारुल दहिया गृहिणी होने के साथ योगाचार्य भी हैं। आशीष ने बताया कि उनका पूरा परिवार प्राकृति को बचाने की इस मुहीम में उनके साथ हैं। वह या उनका परिवार किसी शादी या जन्मदिन समारोह में जाता है तो समाज को संदेश देने के लिए वह पौधा ही लोगों को गिफ्ट करते हैं। उनका लगता है कि इससे कुछ तो लोग सबक लेकर उनकी मुहीम से जरूर जुड़ेंगे।
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल बोले- सरकार के प्रस्ताव पर अभी नहीं लिया गया है कोई निर्णय

सरकार के प्रस्ताव पर अभी नहीं लिया गया है कोई निर्णयः जगजीत सिंह डल्लेवाल
भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा है कि अभी हमारी बैठक चल रही है। उसमें सरकार के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। बता दें कि इससे पहले जानकारी आई थी कि संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा में सरकार की ओर से बुधवार को रखे प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया गया है।



सरकार जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, सरकार का कोई भी प्रस्ताव स्वीकार नहींः किसान नेता 
किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि सरकार जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, सरकार का कोई भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। कल हम सरकार को कहेंगे कि इन कानूनों को वापस कराना, एमएसपी पर कानूनी अधिकार लेना यही हमारा लक्ष्य है। हमने सर्वसम्मति से ये निर्णय लिया है।  

संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव को किया अस्वीकार
संयुक्त किसान मोर्चा ने सरकार द्वारा कल (बुधवार) रखे गए प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। प्रस्ताव में सरकार की तरफ से कहा गया था कि 1.5 साल तक कानून के क्रियान्वयन को स्थगित किया जा सकता है। किसान यूनियन और सरकार बात करके समाधान ढूंढ सकते हैं। इसके साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जनवरी को रिंग रोड पर ट्रैक्टर मार्च निकालने की घोषण भी की है। बैठक में फैसला लिया गया कि जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस न ले ले और एमएसपी पर कानूनी गारंटी नहीं दे देती उनका आंदोलन जारी रहेगा। 

पंजाब में 1245 गांवों में निकला किसानों का ट्रैक्टर मार्च
26 जनवरी को दिल्ली में प्रस्तावित किसानों के ट्रैक्टर परेड से पहले पंजाब में हजारों किसानों ने कई जिलों में पूर्वाभ्यास किया। पंजाब के कई जिलों में किसानों का काफिला ट्रैक्टरों पर निकला। ऐसा ही काफिला पठानकोट की सड़कों पर ही दिखाई दिया। 500 ट्रैक्टर, लगभग 150 कारें और सैकड़ों मोटरसाइकिल पहली बार रैली का हिस्सा बने।

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने किसान यूनियन और एसोसिएशन से बात की
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने आज किसान संगठनों के नेताओं और एसोसिएशन से ऑनलाइन बात की। इस दौरान कमेटी ने किसान प्रतिनिधियों से कहा कि वह अपनी बातें दिल खोलकर रखें। इस पर किसान यूनियनों ने अपनी राय और सुझाव रखे।

यूपीः मुरादाबाद के बहजोई में किसानों 100 ट्रैक्टरों की निकाली परेड
भारी संख्या में मुरादाबाद के बहजोई में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली। 500 के करीब किसान, 100 से अधिक ट्रैक्टर लेकर आए थे, परेड रोकने को कई जगह पुलिस व प्रशासन के आलावा अधिकारियों से किसानों की नोकझोंक हुई। इस परेड से करीब एक किलोमीटर तक किसानों के ट्रैक्टर की कतार लग गई। किसानों ने यह परेड राष्ट्रीय राजमार्ग पर निकाली थी। मंडी समिति में घुमा कर किसानों ने परेड वापस ली।

कल हमारी फिर बैठक होगीः प्रोफेसर दर्शनपाल
किसान नेता प्रोफेसर दर्शनपाल ने ट्रैक्टर रैली को लेकर हुई बैठक के बाद कहा कि, बैठक में दिल्ली पुलिस ने कहा कि आउटर रिंग रोड पर अनुमति देना मुश्किल है और सरकार भी इसके लिए तैयार नहीं है। लेकिन हमने कह दिया है कि हम रिंग रोड पर ही रैली करेंगे। फिर उन्होंने (पुलिस) कहा कि ठीक है हम देखते हैं। कल हमारी पुलिस के साथ फिर बैठक होगी।

पंजाब सरकार ने आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को दिए 5-5 लाख रुपये
पंजाब सरकार ने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के परिवार को 5-5 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए हैं।

दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं की बैठक आज भी बेनतीजा, कल फिर होगी बैठक
दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं के बीच 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालने को लेकर आज फिर बैठक हुई जो बेनतीजा रही। पुलिस उन्हें केएमपी एक्सप्रेसवे पर परेड करने के लिए मनाती रही लेकिन किसान दिल्ली के अंदर आउटर रिंग रोड पर ही परेड निकालने के लिए अड़े हैं।

26 जनवरी को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत ट्रैक्टर रैली होगीः योगेंद्र

स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि, ट्रैक्टर रैली के बारे में हमारी दिल्ली, हरियाणा, यूपी पुलिस और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत चल रही है। आज इसका तीसरा दौर है। 26 जनवरी को किसान गणतंत्र परेड पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। इससे इस देश के गणतंत्र की शोभा बढ़ेगी।

किसानों के समर्थन में नाटक कर रहे कलाकार
यूपी गेट पर किसान आंदोलन में 57वें दिन 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस दौरान किसानों को कृषि कानून के खिलाफ समर्थन देने के लिए मंच के पास कुछ कलाकार अपने नाटक की प्रस्तुति दे रहे हैं।

पंजाब के 32 किसान जत्थेबंदियों की सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू
कल सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर आज पंजाब से आए 32 किसान संगठन के नेता चर्चा कर रहे हैं। इन्हें तय करना है कि क्या यह सरकार के समिति बनाकर और कानून को डेढ़ साल  के लिए स्थगित करने के प्रस्ताव पर राजी हैं। अगर ये लोग राजी हुए तो किसान आंदोलन आने वाले कुछ दिनों में खत्म भी हो सकता है।


सुप्रीम कोर्ट के पैनल की दूसरी बैठक शुरू
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने अपनी दूसरी बैठक शुरू कर दी है। हालांकि इस बैठक में जाने को लेकर किसान अब भी राजी नहीं है।

पुलिस और किसान नेताओं की होगी बैठक
आज पुलिस और किसान नेताओं की भी बैठक होगी जिसमें गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने को लेकर बात होगी।


आज 11 बजे किसान संगठन के नेता बैठक में करेंगे सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा
बीते 57 दिन से दिल्ली सीमाओं पर डटे किसानों को कल सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि अगर किसान नेता समिति बनाकर चर्चा के लिए तैयार हों तो कृषि कानून पर डेढ़ साल तक के लिए रोक लगाई जा सकती है। इस पर किसानों ने पहली बार सरकार के इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही थी। इसी को लेकर आज पंजाब के किसान संगठनों के नेता आज सुबह 11 बजे से बैठक करेंगे।

संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक दोपहर 2.00 बजे होगा
पंजाब के किसान संगठनों की बैठक के बाद दोपहर 2.00 बजे से किसान संयुक्त मोर्चा की बैठक होगी जिसमें सरकार के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
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दिल्ली कोरोना अपडेट: संक्रमण के 227 नए मामले आए सामने, 8 की मौत

राजधानी में बृहस्पतिवार को कोरोना की संक्रमण दर घटकर 0.28 फीसदी रह गई है। संक्रमण की शुरुआत से अब तक यह दर सबसे निचले स्तर पर है। कुल 81550 जांच होने पर भी कोरोना के 227 मामले आए। जबकि, 8 मरीजों की मौत हो गई। दिल्ली में कोरोना से अबतक 10872 लोग जान गंवा चुके हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, कुल संक्रमितों की संख्या 6,33,276 हो गई है। इनमें से 6,20,374 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। बृहस्पतिवार को 246 मरीजों को छुट्टी दी गई। फिलहाल कोरोना के 2120 सक्रिय मामले हैं। अस्पतालों में 1004 मरीजों का इलाज चल रहा है। कोविड केयर सेंटर में 20 और स्वास्थ्य केंद्र में 5 मरीज भर्ती हैं। होम आइसोलेशन में 864 रोगियों का इलाज चल रहा है।

पहली बार घर पर इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या एक हजार से कम हई है। दिल्ली में अब तक 1 करोड़ 40 लाख लोगों की जांच हो चुकी है। प्रति 10 लाख की आबादी पर करीब 54 हजार टेस्ट हो रहे हैं। कंटनमेंट जोन की संख्या घटकर 2107 रह गई है।
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गौतम गंभीर ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिया एक करोड़ का चंदा, बोले- भव्य राम मंदिर सभी भारतीयों का सपना

अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए दिल्ली के सांसद भी आगे आने लगे हैं। पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर ने पहल करते हुए मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की राशि दी है। बृहस्पतिवार को गंभीर ने 1 करोड़ रुपये का चेक दिल्ली में स्वामी अवधेशानंद को सौंपकर इस शुभ काम में अपना योगदान दिया हैं। गौतम गंभीर ने कहा है कि यह केवल एक मंदिर ही नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक है। इस शुभ काम में अपना सहयोग दे पाना मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है।

एक शानदार राम मंदिर सभी भारतीयों का सपना रहा है। लंबे समय से अटके हुए इस मुद्दे का अब खत्म किया गया है। इससे एकता और शांति का मार्ग प्रशस्त होगा। इस प्रयास में एक छोटा सा योगदान दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि अयोध्या में श्री राम मंदिर के निर्माण से अयोध्या और आसपास के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आसपास के लोगों को रोजगार मिलेगा। इस कार्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश वासियों की तरफ से धन्यवाद। उनके अथक प्रयासों से हम इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन पा रहे हैं।

बता दें कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के लिए देश में राम मंदिर समर्पण निधि अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत देश के हर हिंदू परिवार से 'समर्पण निधि' ली जा रही है और लोग करोड़ों रुपये दान कर रहे हैं। राम मंदिर के लिए दान देने वालों की कड़ी में अब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने एक लाख 11 हजार 111 रुपये का चंदा दिया है। वहीं इससे पहले गोंडा सदर विधायक ने एक करोड़ रुपये का चंदा दिया है। 

उधर, दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिये राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट को चेक भेजा। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी को पत्र भी लिखा। साथ ही, राम मंदिर निर्माण के लिए देश में लोगों से चंदा जुटाने का काम सौहार्द्रपूर्ण तरीके से करने की अपील की। हालांकि, दिग्विजय सिंह ने विश्व हिंदू परिषद से अपील की है कि वह राम मंदिर के पुराने चंदे का लेखा-जोखा भी जनता के सामने रखे। 
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दिल्ली में एक सड़क का नाम होगा सुशांत सिंह राजपूत मार्ग, जन्मदिन पर फैसला

दक्षिणी दिल्ली के एंड्रयूज गंज में एक सड़क का नाम दिवगंत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर रखा जाएगा। अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि क्षेत्र के नागरिक निकाय ने इसके लिए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

सुशांत सिंह राजपूत का आज (गुरुवार) 35वां जन्मदिन है। पिछले साल 14 जून को मुंबई में उनके बांद्रा स्थित आवास पर मृत पाया गया था। उनके प्रशंसकों ने अभिनेता की मौत की जांच करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था। जिसके बाद उनके निधन की हाई-प्रोफाइल जांच हुई थी। एसडीएमसी के कांग्रेस पार्षद अभिषेक दत्त ने सितंबर 2020 में अभिनेता के नाम पर सड़क का नाम रखने का प्रस्ताव पारित किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एसडीएमसी हाउस ने कल की बैठक में यह मंजूरी दे दी।

भाजपा के नेतृत्व वाली दक्षिण दिल्ली नगर निगम में एंड्रयूज गंज पार्षद ने नागरिक निकाय की सड़क के नामकरण और नाम बदलने की समिति को प्रस्ताव भेजा था। समिति को दिए लिखित प्रस्ताव में अभिषेक दत्त ने कहा था कि सड़क नंबर 8 पर पड़े वाले अधिकतर इलाकों में बिहार के रहने वाले लोग हैं। वो एंड्रयूज गंज से इंदिरा कैंप तक जाने वाले मार्ग का नाम सुशांत सिंह राजपूत मार्ग करने की मांग करते रहे हैं। इसलिए यह प्रस्तावित है कि सड़क नंबर 8 का नाम अभिनेता के नाम पर उसकी स्मृति में रखा जाए। 

बता दें कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड किया या उनका मर्डर हुआ फिलहाल इसकी जांच चल रही है। सुशांत का मामला बिहार, महाराष्ट्र, सीबीआई से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। देश ही नहीं विदेश में भी सुशांत के निधन पर प्रशंसकों ने हैरानी जताई। अब सुशांत के जन्मदिन पर कंगना रणौत ने एक बार फिर उनके मर्डर का मुद्दा उठाया है।

कंगना ने चार बातों की तरफ फैंस का ध्यान आकर्षित किया है। पहले ट्वीट में कंगना कहती हैं 'नहीं भूलना चाहिए कि सुशांत सिंह ने बताया था कि यशराज फिल्म्स ने उन्हें बैन कर दिया है। उन्होंने ये भी कहा था कि करण जौहर ने उन्हे बड़े सपने दिखाए और उनकी फिल्म की रिलीज होने से रोक दिया। कंगना आगे लिखती हैं, 'करण जौहर ने दुनिया को बताया कि सुशांत एक फ्लॉप एक्टर है। अपने दम पर स्टार बने सुशांत ने आदित्य चोपड़ा के अनुबंध से बंधे रहने से इनकार कर दिया था। उसी वक्त चोपड़ा ने तय कर लिया कि वह सुशांत का करियर खत्म कर देंगे। सभी को करण जौहर और आदित्य चोपड़ा का नेपोटिज्म से प्यार पता है।'
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