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कौन हैं जोगिंदर सिंह उगराहां, जिन्होंने संभाली पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन की बागडोर

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान दिल्ली के बार्डर पर डटे हुए हैं। पंजाब का सबसे बड़ा किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उगराहां भी कंधे स...

30 नवंबर 2020

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Digital Edition

हरियाणा : किसानों के समर्थन में सांगवान खाप ट्रैक्टरों के काफिले के साथ आज करेगी दिल्ली कूच

तीन कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सांगवान खाप-40 भी उतर आई है। खाप से जुड़े हर गांव से किसान मंगलवार सुबह दस बजे ट्रैक्टरों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे। सांगवान खाप के प्रधान एवं विधायक सोमबीर सांगवान प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। सोमवार को खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर हुई खाप की सर्वजातीय पंचायत में यह निर्णय लिया गया।

रोहतक में रविवार को हुई खापों की पंचायत में सांगवान खाप प्रधान सोमबीर सांगवान ने भी शिरकत की थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने रविवार शाम ही खाप की कोर कमेटी की बैठक बुलाई, जिसमें सोमवार को खेड़ी बूरा गांव स्थित सांगू धाम में पंचायत करने का निर्णय लिया गया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे खाप पंचायत हुई जो करीब दो घंटे चली।

पंचायत में कन्नी प्रधान, सरपंचों समेत अन्य मौजिज लोगों ने दिल्ली कूच को लेकर अपने सुझाव दिए। इसके बाद खाप पदाधिकारियों ने आपसी मंथन के बाद मंगलवार सुबह दस बजे दिल्ली कूच का एलान किया। इससे पहले खाप पंचायत को संबोधित करते हुए खाप सचिव नरसिंह डीपीई ने कहा कि किसान आंदोलन में सांगवान खाप-40 पूर्णतया साथ है। 
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विधायक सोमबीर सांगवान। विधायक सोमबीर सांगवान।

चंडीगढ़ के योद्धाओं ने कोरोना काल में किया ऐसा काम, महानायक अमिताभ बच्चन ने भी किया सलाम

चंडीगढ़ के दो कोरोना योद्धाओं की चर्चा आज देशभर में हो रही है। इन दोनों कोरोना योद्धाओं के जज्बे को खुद महानायक अमिताभ बच्चन ने सलाम किया और उनकी कहानी लोगों को बताई। यह कोरोना योद्धा हैं स्वरमनी फाउंडेशन के सहायक संस्थापक मोहम्मद अमजद और पीजीआई के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर गुरु। 

रविवार शाम मुंबई में हुए एक निजी कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने इन योद्धाओं के जज्बे और हौसले को देश के सामने रखा। 26/11 मुंबई हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर से कुछ चुनिंदा कोरोना योद्धाओं की कहानी बताई गई।  

अमिताभ बच्चन ने कहा कि रेडक्रॉस के कर्मचारियों ने जब कोरोना मृतकों का शव उठाने से इंकार कर दिया तब मोहम्मद अमजद और उनकी टीम ने कोरोना मृतकों के शव उठाए और सम्मान के साथ उन्हें श्मशान घाट तक पहुंचाया और कोरोना के नियम के तहत उनका अंतिम संस्कार कराया। डॉक्टर गुरु ने 9 माह तक बिना अवकाश लिए कोरोना पीड़ितों की सेवा की। ड्यूटी सिर्फ आठ घंटे की होने के बावजूद वह 24 घंटे मरीजों की सेवा में तत्पर रहे।

पिता के साथ दुकान पर बैठते है, फोन आते ही शव उठाने चल देते थे   
कोरोना योद्धा मोहम्मद अमजद बलटाना (जीरकपुर) में रहते हैं। उन्होंने बताया कि यहां उनके पिता की दुकान है और वह चंडीगढ़ में बीए (अंतिम वर्ष) के छात्र हैं। अमजद ने बताया कि कोरोना काल में दुकान चलाना मुश्किल हो रहा था। रेडक्रॉस से जानकारी मिली कि कर्मचारियों ने कोरोना संक्रमित शव उठाने से मना कर दिया है। कुछ स्वयंसेवक चाहिए। इसके बाद हमारी संस्था स्वरमनी ने इसके लिए हाथ बढ़ा दिया। जब भी फोन आता तत्काल शव उठाने के लिए निकल पड़ते। इस काम मे परिजनों का पूरा सहयोग मिला। 

तबीयत ठीक नहीं थी, फिर भी दवा खाकर जाते थे अस्पताल
कोरोना योद्धा पीजीआई के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर गुरु ने जुलाई 2019 में पीजीआई में ज्वाइन किया था। ओडिशा निवासी डॉ. गुरु के परिवार को जनवरी 2020 में चंडीगढ़ आना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण परिवार यहां नहीं आ सका। इसके बाद डॉ. गुरु 9 माह तक बिना किसी छुट्टी के काम करते रहे। अब वह मंगलवार को अपने बच्चे से मिलेंगे। डॉ. गुरु ने बताया कि एक दिन उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। उन्होंने मेल किया कि आज वह अस्पताल नहीं आएंगे। दवा खा कर सो गए। थोड़ा ठीक महसूस किया तो मन नहीं माना और अस्पताल आ गए। उनके इसी जज्बे के कारण महानायक ने उनकी प्रशंसा की।
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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ किसी वर्ग या लिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी का अधिकार नहीं : हाईकोर्ट

फेसबुक पर बाबा भीमराव आंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ किसी वर्ग या लिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणी का अधिकार नहीं देता है। सविता ने हिसार की हांसी पुलिस को शिकायत देते हुए बताया था कि उसने बाबा भीमराव आंबेडकर की फोटो फेसबुक पर पोस्ट की थी। 

फेसबुक पर पोस्ट की गई इस फोटो पर विजेंदर नाम के व्यक्ति ने कई बार आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके साथ ही उसने एक विशेष वर्ग तथा एक जाति विशेष की महिलाओं को लेकर भी अभद्र तथा आपत्तिजनक टिप्पणियां की। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने 13 अगस्त, 2020 को एफआईआर दर्जकर 24 सितंबर को याचिकाकर्ता को गिरफ्तार कर लिया। 


अभी याचिकाकर्ता ने हिरासत में होने के चलते उसे नियमित जमानत देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि शिकायत में दिए गए आरोप किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले नहीं हैं तथा यह एससी/एसटी एक्ट में एफआईआर के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसके साथ याची ने कहा था कि उसने सिर्फ एक पोस्ट करके टिप्पणी की थी। इस मामले में पुलिस की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने बहुत सारी टिप्पणियां की हैं। 

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की पोस्ट देखने के बाद कहा कि प्राथमिक तौर पर इस मामले में याचिकाकर्ता को वर्तमान में नियमित जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की टिप्पणियां आपत्तिजनक प्रतीत होती हैं। इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
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सरकार किसानों पर दर्ज केस वापस ले और नेताओं को करे रिहा : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों पर दर्ज केस तुरंत प्रभाव से वापस ले और गिरफ्तार किए गए नेताओं को रिहा करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस सरकार आते ही इन केसों को रद्द किया जाएगा। हुड्डा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से हर वर्ग को अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का अधिकार है।

किसानों को गिरफ्तार कर या उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर, उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जिस तरह हरियाणा सरकार के आदेश पर पुलिस ने घरों में घुसकर सोते हुए किसानों को गिरफ्तार किया, वह निंदनीय है। हुड्डा ने किसानों पर आंसू गैस और वाटर कैनन के प्रयोग को गलत बताया। महामारी के इस दौर में कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे अपना घर छोड़कर निकले किसानों पर ठंडे पानी की बौछारें बरसाना मामूली नहीं, बल्कि अमानवीय कार्रवाई है। 


मुख्यमंत्री को पता होना चाहिए कि बुजुर्ग और दिव्यांग किसान भी जिस आंदोलन का हिस्सा हों, उस पर आंसू गैस का इस्तेमाल कितना घातक साबित हो सकता है। किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली जा रहे थे। वो हरियाणा सरकार से किसी तरह का टकराव नहीं कर रहे थे और ना ही वो हरियाणा में किसी तरह का धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उनकी मांग केंद्र सरकार से थी। ऐसे में हरियाणा सरकार के पास कोई अधिकार नहीं है कि वो किसानों को अपनी राजधानी में जाने से रोके। बावजूद इसके सरकार ने किसानों को रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया।
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कोविड की दूसरी लहर से निपटने को पंजाब तैयार, ऑक्सीजन-आईसीयू बेडों की संख्या में होगा विस्तार

कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने को पंजाब तैयार है। पंजाब की मुख्य सचिव विनी महाजन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि पंजाब सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए सभी प्रबंध किए हुए हैं। 

उन्होंने लोगों से अपील की कि इसके बावजूद कोरोना को हलके में न लिया जाए और सरकार की तरफ से जारी निर्देशों का पालन पहले की तरह ही किया जाए क्योंकि कोरोना का इलाज फिलहाल मास्क लगाने और हाथों को सैनिटाइज करते रहना ही है।


सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 के प्रबंधों संबंधी एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान मुख्य सचिव ने ऑक्सीजन और आईसीयू बेडों की संख्या में और विस्तार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि हालांकि पंजाब के 3 मेडिकल कॉलेजों में बेडों की काफी संख्या है, फिर भी एहतियात के तौर पर संख्या बढ़ाई जाए ताकि इमरजेंसी में लोगों का बेहतर इलाज किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस समय सरकारी कॉलेज अमृतसर में 1236, पटियाला में 1450 और फरीदकोट में 1025 बेड हैं।  

आक्सीजन सिलिंडरों की कमी नहीं : तिवारी
मेडिकल शिक्षा व अनुसंधान विभाग के प्रमुख सचिव डीके तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव हुस्न लाल ने मुख्य सचिव को बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ की भर्ती संबंधी प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।

उन्होंने मुख्य सचिव को बताया कि जल्द ही प्रतिदिन 30 हजार सैंपलिंग करनी शुरू कर दी जाएगी, ताकि कोरोना के लक्षण वाले मरीजों की पहचान जल्द की जा सके। मुख्य सचिव ने उन इलाकों में सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए, जहां मामले ज्यादा आ रहे हैं।


पंजाब में कोरोना के 554 आए नए केस, 27 की मौत
पंजाब में सोमवार को कोविड की चपेट में 554 नए मरीज आए, वहीं 27 ने अपनी जान गंवाई। इसके अलावा ठीक हुए नए मरीजों की संख्या 572 रही। सोमवार तक संदिग्ध मामलों की संख्या 3193166 रही। दिन भर में इकट्ठे किए नमूनों की संख्या 11393 रही। इसके अलावा ठीक हुए मरीजों की संख्या 139442, सक्रिय मामलों की संख्या 7842 रही।

सोमवार को कोरोना के लुधियाना में 90, जालंधर में 76, पटियाला में 51, एसएएस नगर में 93, अमृतसर में 51, गुरदासपुर में 17, बठिंडा में 36, होशियारपुर में 46, फिरोजपुर में 7, पठानकोट में 13, संगरूर में 10, कपूरथला में 4, फरीदकोट में 8, मुक्तसर में 7, फाजिल्का में 5, मोगा में 2, रोपड़ में 9, फतेहगढ़ साहिब में 4, एसबीएस नगर में 5, मानसा में 17 और बरनाला में 3 मरीज पॉजिटिव पाए गए। 
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हाईकोर्ट का अहम फैसला-भूमि का मुआवजा बढ़ा तो इसके बदले मिलने वाले प्लॉट की बढ़ी कीमत पर आपत्ति क्यों

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि भूमि का मुआवजा बढ़ा है तो इसके बदले मिलने वाले प्लॉट की बढ़ी हुई कीमत को चुनौती नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने कहा कि जब मुआवजा बढ़ने से भूमि मालिक खुश हैं तो प्लॉट के दाम बढ़ने पर वह आपत्ति कैसे जता सकते हैं।

हरियाणा में विभिन्न स्थानों पर हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिगृहित की गई जमीन के बदले मिलने वाले विस्थापित कोटे के प्लॉटों की बढ़ी हुई कीमत को भूमि मालिकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 


याचिकाकर्ताओं राजेंद्र कुमार, संजीव कुमार और धर्मवीर ने बताया था कि उन्होंने विस्थापित कोटे के प्लॉट के लिए 2013 में आवेदन किया था। आवेदन के अनुरूप उन्हें 1800 रुपये प्रति वर्ग मीटर के दाम पर भुगतान करने को कहा गया। 

इस बीच अधिगृहित की गई भूमि के मुआवजे को बढ़ाने के लिए दाखिल भूमि मालिकों की याचिकाएं मंजूर हो गई और मुआवजा राशि बहुत अधिक बढ़ गई। अक्तूबर 2020 में सरकार की ओर से उन्हें एक नोटिस भेजते हुए प्लॉट के लिए भी अब बढ़ी हुई राशि का भुगतान करने को कहा गया। प्लॉट का दाम अब 5350 रुपये प्रति वर्ग मीटर के अनुसार तय किया गया। 

याची ने कहा कि अब अचानक सात साल बाद इस प्रकार राशि को इतना अधिक बढ़ा कर कैसे इस राशि की वसूली की जा सकती है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद हरियाणा सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट किया कि जब मुआवजा बढ़ गया है तो प्लॉट के लिए बढ़ी हुई राशि का भुगतान करने में याचिकाकर्ताओं को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दी। 
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इंटरव्यू : सावधान! सर्दी में बढ़ी कोरोना वायरस की ताकत, लापरवाही बरती तो तेजी से फैल सकता है संक्रमण

हरियाणा में कोरोना संक्रमण की दूसरी पीक चल रही है और यह पहली पीक की तुलना में अधिक घातक साबित हो रही है। पीजीआईएमएस रोहतक संक्रमण की शुरुआत से ही प्रदेश के लोगों को महामारी से बचा रहा है। कोविड अस्पताल के रूप में ट्रॉमा सेंटर रोजाना सैकड़ों मरीजों को उपचार दे रहा है। कोरोना संक्रमण की चल रही स्थिति और उससे निपटने को लेकर अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार ने पीजीआईएमएस रोहतक के निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव से बातचीत की। उसके अंश:-

1. वैक्सीन का ट्रायल किस स्तर पर है? आम लोगों के लिए कब तक आने की उम्मीद है?
जवाब : को-वैक्सीन का ट्रायल तीसरे स्तर पर है। पहले स्तर पर 375 वालंटियर में 80 हमारे थे और दूसरे स्तर पर 380 वालंटियर में 60 हमारे थे। अब तीसरे स्तर पर 25800 को वैक्सीन दी जानी है, इसमें एक हजार को पीजीआईएमएस रोहतक वैक्सीन लगाएगा। सभी वालंटियर 18 से अधिक आयु वाले हैं। 

भारत बायोटेक, आईसीएमआर, नेशनल इंस्टीट्यूट वायरोलॉजी इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। तीसरे स्तर के ट्रायल में बीपी, शुगर, हार्ट व अस्थमा वाले वह मरीज, जिनकी बीमारी नियंत्रण में है, उनको वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके अलावा हेल्थ केयर वर्कर को भी रिसर्च में शामिल कर लिया गया है। 1000 वालंटियर में पहले 200 सैंपल पूरे हो गए हैं। 42 दिन बाद एंटीबॉडी जांच के लिए सैंपल लिया जाएगा। एक साल में सात से आठ बार वालंटियरों को बुलाया जाएगा। सभी की एंटी बॉडी व कोरोना जांच की जाएगी। वैक्सीन मार्च 2021 तक आने की उम्मीद है।
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शराब तस्करी घोटाले को लेकर वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस की रिपोर्ट सौंपे हरियाणा सरकार: हाईकोर्ट

अवैध शराब की तस्करी मामले की जांच में ढिलाई का आरोप लगाते हुए सीबीआई और ईडी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस-आईपीएस की कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट तलब कर ली है। ‘सबका मंगल हो’ संस्था की एंटी करप्शन डिविजन ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से याचिका दाखिल कर मामले को अंतर्राज्यीय बताकर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

हाईकोर्ट को बताया गया कि गृहमंत्री अनिल विज ने इस मामले की विजिलेंस जांच की बात कही थी, जबकि उपमुख्यमंत्री ने तो ऐसे किसी घोटाले से ही मना कर दिया था। याचिकाकर्ता संस्था ने कहा कि इस मामले में एसईटी की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई। इसके कारण अवैध शराब की तस्करी में शामिल असामाजिक तत्वों का हौसला बढ़ा है।  

हाल ही में पानीपत और सोनीपत में अवैध शराब से 30 लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में अब हाईकोर्ट ने इस मामले में हरियाणा सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कमेटी द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को भी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। 
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