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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 220 नए संक्रमित मिले, 5 की मौत, 217 मरीज हुए ठीक 

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले और मरीजों की मौत कम हो रही हैं। बीते 24 घंटे में 220 नए संक्रमित मिले हैं और पांच मरीजों की मौत हुई है। जबकि संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले कम है। कुल संक्रमितों की संख्या 338508 हो गई है। 

कोरोना : देहरादून में रोजाना औसतन बन रहे 40 मृत्यु प्रमाण पत्र, जारी करने वाले के कांप रहे हाथ 

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को 25031 सैंपल जांच में निगेटिव पाए गए। जबकि पूरे प्रदेश में 220 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में 94, अल्मोड़ा में 24, टिहरी में 21, हरिद्वार में 20, नैनीताल में 17, ऊधमसिंह नगर में 14, पौड़ी में नौ, उत्तरकाशी में आठ, रुद्रप्रयाग में सात, चंपावत में तीन, बागेश्वर, चमोली व पिथौरागढ़ जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। 

प्रदेश में 24 घंटे में पांच मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। जबकि देहरादून, हरिद्वार व टिहरी जिले में चार कोरोना मरीजों की मौतें बैकलॉग की हैं। अब तक प्रदेश में 7026 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 217 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिला कर अब तक 322475 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश कोरोना मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत, रिकवरी दर 95.26 प्रतिशत और संक्रमण दर 6.42 प्रतिशत दर्ज की गई। 3220 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है। 

ब्लैक फंगस के 13 नए मरीज, तीन की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को 13 नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जबकि तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। कुल मरीजों की संख्या 446 हो गई है। मौत का आंकड़ा 76 पहुंच गया है। 

स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को देहरादून जिले में ब्लैक फंगस के 13 नए मामले मिले हैं और तीन मरीजों की मौत हुई है। एम्स ऋषिकेश में 11, हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट में दो नए मरीज भर्ती किए गए। एम्स ऋषिकेश में तीन मरीजों ने दमतोड़ा है। जबकि चार मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।

प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 446 हो गई है। वहीं, अब तक 76 मरीजों की मौत हो चुकी है। कुल 62 मरीज ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमित मामले और मौतें लगातार घटने से जहां स्वास्थ्य विभाग को थोड़ी राहत है। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने विभाग की चुनौती बढ़ा दी है।
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217 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया 217 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया

हरिद्वार : 2013 के बाद पहली बार गंगा का जलस्तर चार लाख क्यूसेक, पुल में दरार, कानपुर तक हाई अलर्ट

पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश से शनिवार को गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया। वर्ष 2013 की आपदा के बाद पहली बार गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने से तीन लाख 92 हजार 404 क्यूसेक तक पहुंच गया।

उत्तराखंड : नदियों के रौद्र रूप से अब आपदा का खौफ, ऋषिकेश में फिर भगवान शिव को छू रही गंगा, तस्वीरें

जलस्तर बढ़ने से हरिद्वार से लेकर कानपुर तक हाई अलर्ट जारी कर भीड़गोड़ा बैराज के सभी गेट एक साथ खोल दिए गए। बैराज खुलने से गंगनहर के जरिये उत्तर प्रदेश के लिए सिंचाई को छोड़ा जाने वाला पानी बंद हो गया। उधर, बैराज के पानी के बहाव से चंडी टापू को जोड़ने के लिए महाकुंभ में बनाए गए अस्थायी पुल के एप्रोच में दरारें आ गईं। नमामि गंगे घाट पानी में डूब गए। हालांकि, जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।

उत्तराखंड: लगातार मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट जारी

पहाड़ों की बारिश का सीधा असर हरिद्वार ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश तक पड़ता है। यहां भीमगोड़ा पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का बैराज है। बैराज की क्षमता 293.00 मीटर जलस्तर रोकने की है, लेकिन पहाड़ों में लगातार बारिश से शुक्रवार रात अलर्ट जारी हो गया था। लिहाजा बैराज में भी सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मुस्तैद रहे।

बैराज के वाटर असिस्टेंट निर्भय भारद्वाज के अनुसार, देर रात दो बजे गंगा का जलस्तर दो लाख 15 हजार 698 क्यूसेक पहुंच गया। इसके चलते कानपुर तक हाई अलर्ट जारी कर बैराज के 22 गेट एक साथ खोले गए।
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उत्तराखंड : नदियों के रौद्र रूप से अब आपदा का खौफ, ऋषिकेश में फिर भगवान शिव को छू रही गंगा, तस्वीरें

कई घंटों से उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से नदियों ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। जिस वजह से अब लोगों के मन में आपदा का खौफ तारी हो गया है। राज्य की लगभग हर नदी उफान पर है। जिससेे कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक हाहाकार मच गया है।

उत्तराखंड: लगातार मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, हरिद्वार-ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ा, अलर्ट जारी

ऋषिकेश में गंगा घाट डूब गए हैं। गंगा नदी एक बार फिर भगवान शिव की मूर्ति को छूकर बह रही है। बता दें कि ऐसा दृश्य 2013 में आई केदारनाथ आपदा में देखा गया था। हरिद्वार में भी गंगा उफान पर है।

Uttarakhand: बारिश के बाद उफान पर नदियां, दरक रहे पहाड़, देखें वीडियो...

इसके साथ ही अलकनंदा, मंदाकिनी, नंदाकिनी, शारदा, गोरी, कोसी, रामगंगा सहित अन्य नदियां पानी से लबालब हो गईं हैं। बहरहाल यह स्थिति देखते हुए अलर्ट जारी किया गया। नदियों के आस-पास मुनादी की जा रही है। टिहरी, पौड़ी और ऋषिकेश प्रशासन लगातार मुनादी करवा रहा है।
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भाजपा का संकल्प :  प्रदेश कार्यसमिति में पूरी ताकत जुटने का आह्वान, कहा - कोरोना को हराएंगे, चुनाव जीतेंगे

प्रदेश भाजपा की शनिवार को हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कोविड-19 महामारी को हराने और आगामी चुनावों पर प्रचंड जीत दर्ज करने का संकल्प लिया गया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि पार्टी ने सल्ट विधानसभा के उपचुनाव का सेमीफाइनल जीता और अब 2022  के विधानसभा चुनाव का फाइनल भी जीतेगी।

शनिवार को प्रदेश पार्टी कार्यालय में चार सत्रों में हुई वर्चुअल कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र में उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में हमें किसी राजनैतिक दल से चुनौती नहीं, बल्कि मुकाबला भाजपा बनाम देश विरोधी ताकतों से हो रहा है। विरोधी ताकतें हमारी आस्था, संस्कृति और धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

कुंभ को बदनाम कर कोरोना का वाहक बताने की कोशिश की गई, लेकिन यह आश्चर्यजनक था कि हरिद्वार में कोरोना मरीज बहुत कम थे। वहीं विरोधियो की नजर महाराष्ट्र, पंजाब, झारखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों की ओर नहीं गई। क्योंकि हरिद्वार में सनातन संस्कृति का पर्व चल रहा था। राम मंदिर के मार्ग में रोड़े अटकाने वाले और राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले मंदिर को लेकर भी तरह तरह की अफवाह फैला रहे हैं।

भाजपा ने की सेवा, विपक्ष ने किया गुमराह : कौशिक
प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि कोरोना महामारी को हराने तक संगठन का सेवा अभियान जारी रहेंगे। कोरोना महामारी में सभी विपक्षी दलों ने प्रदेश की जनता को गुमराह करने का काम किया। भाजपा के कार्यकर्ता लगातार इस महामारी के दौरान भी अपनी जान हथेली पर लेकर लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कोविड महामारी से निपटने के लिए संगठन और सरकार के स्तर पर किए गए कार्यों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि प्रदेश मुख्यालय व 14 जिला मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम बनाए गए। हजारों हजार लोगों की दिन-रात मदद की गई। आक्सीजन व वेंटिलेटर उपलब्ध कराने का काम किया। भाजपा करोना से लड़ रही थी। वहीं विपक्ष भाजपा से लड़ रहा था।

ये प्रमुख नेता शामिल हुए
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शनिवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के अलावा प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, कुलदीप कुमार, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, राज्यमंत्री डॉ. धनसिंह रावत, रेखा आर्य, सांसद अजय भट्ट, नरेश बंसल, रानी राज्यलक्ष्मी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी जुड़े। सरकार के अन्य मंत्री व प्रदेश महामंत्री वर्चुअल माध्यम से जुड़े। 
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उत्तराखंड: मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर, गंगा का जलस्तर बढ़ा, ऋषिकेश में कई घाट डूबे

प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक
उत्तराखंड में मानसून शुरुआत से ही खौफनाक रूप दिखा रहा है। कई घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं। बरसाती नालों में भी पानी बढ़ गया है। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। जिस कारण अलर्ट जारी किया गया है। गंगा, गोरी, शारदा, अलकनंदा, मंदाकिनी और नंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा हाईवे सहित कई मार्ग बंद हैं।

Uttarakhand: बारिश के बाद उफान पर नदियां, दरक रहे पहाड़, देखें वीडियो...

पहाड़ों और मैदानी भागों में हो रही लगातार बारिश के कारण योगनगरी में गंगा का जलस्तर बढ़ गया। गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी। शनिवार शाम पांच तक गंगा का जलस्तर 340.50 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों ने बताया कि गंगा नदी वॉर्निंग लेवल 339.50 मीटर से डेंजर लेवल 340.50 के ऊपर नीचे बह रही थी। 

गंगा नदी में सिल्ट और लकड़ी की डाट बहकर आने से पशुलोक बैराज के सभी 15 गेट खोल दिए गए हैं। वहीं चीला शक्ति नहर में पानी न जाने से उत्पादन ठप हो गया है। यूजेवीएनएल (उत्तराखंड जल विद्युत निगम) की ओर से हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम, त्रिवेणी और लक्ष्मण झूला के लगभग सभी गंगा घाट डूब गए हैं। मायाकुण्ड, चंद्रेश्वर नगर में पानी भर गया है। परमार्थ निकेतन स्वर्गाश्रम का कथा स्थल भी जलमग्न हो गया है। 

उत्तराखंड: चोर रास्ते से भारत से नेपाल लौट रहे नेपाली नागरिक नदी में फंसे, तीन लोगों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला

तपोवन नगर और मुनिकीरेती में आश्रमों और होटलों को अलर्ट जारी किया गया है। टिहरी, पौड़ी और ऋषिकेश प्रशासन लगातार मुनादी करवा रहा है। रायवाला के गौहरी माफी, प्रतीतनगर व श्यामपुर के खदरी माफी में लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा जा रहा है।
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देहरादून: हर महीने हो रहीं 26 सड़क दुर्घटनाएं और 11 लोगों की मौत, ओवर स्पीड सबसे बड़ा कारण

कोरोना लॉकडाउन के बावजूद देहरादून में सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। 2021 में अब तक हर महीने लगभग 26 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 11 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। वहीं, करीब सौ लोगों को दुर्घटनाओं में घायल होना पड़ा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने सभी उपजिलाधिकारियों और परिवहन, यातायात पुलिस, पीडब्ल्यूडी व राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के साथ समीक्षा की। सहायक परिवहन अधिकारी प्रशासन रश्मि पंत ने बताया कि 2021 में जनवरी से मई तक 130 सड़क दुर्घटनाओं में 96 लोग घायल हुए हैं।

जबकि 55 लोगों की मौत हुई है। जिलाधिकारी ने अधिक सड़क दुर्घटना वाले क्षेत्रों में जाकर उन्हें रोकने के लिए काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने एआरटीओ, यातायात पुलिस और सभी एसडीएम को एनफोर्समेंट कार्यवाई बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चरल कार्यों को तेजी से पूरा करने को कहा।  इसके अलावा सड़क सुरक्षा उपाय करने के भी निर्देश दिए। बैठक में एडीएम एफआर गिरीश चंद्र गुणवंत, एसपी ट्रैफिक एसके सिंह, सभी एसडीएम, एआरटीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 
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कोरोना जांच फर्जीवाड़ा : 25 जून को हरिद्वार में गंगा तट पर उपवास के साथ कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान

एक्सक्लूसिव: वेब एप्लीकेशन बताएगी अनिद्रा भगाने के योग और आसन, देने होंगे बस कुछ सवालों के जवाब

कोरोना काल में घर-घर जाकर सर्वे करने से बचने के लिए पीएचडी के छात्र ने एक वेब एप्लीकेशन तैयार की है। इसके जरिये यह पता चल सकेगा कि आप अनिद्रा की बीमारी को दूर भगाने के लिए कौन सी यौगिक क्रिया कर सकते हैं।

कोरोना काल ने फील्ड में जाकर किए जाने वाले कार्यों को घर बैठे करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को नई तकनीकी विकसित करने का अवसर प्रदान किया है। वर्क फ्रॉम होम के दौरान कई क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने अपने-अपने स्तर से इंटरनेट तकनीक का इस्तेमाल किया। इसी तरह रुड़की में एक पीएचडी छात्र ने अपने शोध के लिए जरूरी फील्ड सर्वे के लिए ऑनलाइन तरीका अपनाया।

देहरादून के श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के शोध छात्र रितेश कुमार ‘दिनचर्या में समावेसित दीर्घ ओंकार साधना एवं मर्म चिकित्सा द्वारा अनिद्रा रोग पर पड़ने वाले प्रभाव’ का अध्ययन विषय पर पीएचडी कर रहे हैं। इसके तहत होने वाले फील्ड सर्वे को पूरा करने के लिए उन्होंने गूगल के जरिये ऑनलाइन वेब एप्लीकेशन बनाई है। अनिद्रा की बीमारी से ग्रसित लोगों को यौगिक क्रिया के जरिये समाधान पाने के लिए इसके माध्यम से 40 सवालों के जवाब देने होंगे। इसके बाद प्रत्येक सवाल के आधार पर अनिद्रा के स्तर का पता लगाया जाएगा। इसके हिसाब से संबंधित व्यक्ति को यौगिक क्रियाओं के अंतर्गत योग, आसन, प्राणायाम, मंत्र चिकित्सा, मर्म चिकित्सा आदि बताई जाएगी। 
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