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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार

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बहराइच: बाइक से जा रहे युवक की मांझे में फंसकर आधी गर्दन कटी, मौके पर ही दर्दनाक मौत

बहराइच में मोटरसाइकिल से जा रहे युवक के गर्दन में मोहम्मदा ओवर ब्रिज पर पतंग का मांझा फंस गया जिसके कारण उसकी आधी गर्दन कट गई और वह तेज रफ्तार मोटरसाइकिल से नीचे गिर गया। 

हादसे में मौके पर ही दीपक यादव (24) पुत्र विजय बहादुर यादव निवासी भगतापुर की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घटना की सूचना पाते ही एसआई इंद्रजीत यादव, चौकी प्रभारी अजय तिवारी हमराही दिवाकर के साथ पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि मृतक युवक दीपक यादव मोटर साइकिल से बहराइच जा रहा था। मोहम्मदा नाले पर ओवर ब्रिज पर पहुंचे ही किसी पतंग का चाइनीज मांझा गर्दन में फंस जाने के कारण आधी गर्दन कट गई। जिसके कारण युवक गिर पड़ा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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मौके पर जमा भीड़ मौके पर जमा भीड़

श्री पारस अस्पताल प्रकरण: जांच रिपोर्ट पर प्रियंका गांधी का ट्वीट- सरकार ने न्याय की उम्मीद को तोड़ दिया

आगरा के श्री पारस अस्पताल की दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक बार फिर यूपी सरकार को घेरा है। शनिवार को उन्होंने ट्वीट किया कि मरीजों के परिजनों की गुहार को अनसुना कर सरकार ने न्याय की उम्मीद को तोड़ दिया।

श्री पारस अस्पताल के संचालक डॉ. अरिंजय जैन के वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन पर दमघोंटू मॉकड्रिल से 22 मरीजों की मौत के आरोप लगे थे। इस मामले मं जिला प्रशासन की जांच पूरी हो गई। शुक्रवार रात जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने प्रेसनोट जारी किया। इसमें जांच के सभी मुख्य बिन्दुओं को शामिल किया गया है। 

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Paras Hospital Agra: प्रशासन ने दी चिकित्सक को 'अघोषित' क्लीन चिट, ऑक्सीजन मॉकड्रिल से 22 मौतों के थे आरोप

प्रेसनोट के अनुसार 26 व 27 अप्रैल को 48 घंटे के डेथ ऑडिट में 16 मृतक मिले हैं। वीडियो वायरल होने पर डीएम ने सात मौतों का दावा किया था। प्रशासनिक जांच में 16 मरीजों की मौतों का कारण ऑक्सीजन की कमी नहीं बल्कि मरीजों में संक्रमण की गंभीर स्थिति और अन्य बीमारियां को माना गया है। इस जांच रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं।  
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लखनऊ विश्वविद्यालय: दो से 12 अगस्त तक होंगी परीक्षाएं, यूनिवर्सिटी ने जारी किया परीक्षा कार्यक्रम

लखनऊ विश्वविद्यालय की स्नातक स्तर की परीक्षाएं 2 से 12 अगस्त तक होगी। वहीं, डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या की स्नातक एवं स्नातकोतर परीक्षाएं 21 जुलाई से 13 अगस्त तक होंगी। कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देश के आधार पर प्रदेश के 15 राज्य विश्वविद्यालयों ने परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है।

लखनऊ विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर की परीक्षाएं विषयवार प्रश्न पत्रों को संकलित कर वस्तुनिष्ठ प्रश्न पत्र के आधार पर कराई जाएगी। स्नातक स्तर की परीक्षा 2 से 12 अगस्त तक होगी। कला, वाणिज्य, विज्ञान, शिक्षा एवं ललित कला संकाय की प्रथम सेमेस्टर दिसंबर 2020 की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों को उनके आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर बिना परीक्षा के प्रोन्नत किया जाएगा। द्वितीय से तृतीय सेमेस्टर, चतुर्थ से पांचवें सेमेस्टर और छठे से सातवें सेमेस्टर और आठवें से 9वें सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाएगा।

डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय लखनऊ में बीए, एलएलबी (ऑनर्स), एलएलएम (एक वर्षीय) पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की सत्र 2020-21 की कुछ परीक्षाएं हो चुकी है और कुछ परीक्षा ऑनलाइन कराई जा रही है। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के घोषित प्रोविजिन परीक्षा परिणाम का कोलेशन चल रहा है। जून के अंत तक अंतिम परीक्षा परिणाम घोषित कर विद्यार्थियों को ग्रेड शीट्स प्रकाशित करने की कार्यवाही की जाएगी।

डॉ.राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या में स्नातक और स्नातकोतर परीक्षाएं 21 जुलाई से 13 अगस्त के बीच होंगी।

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ऊर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय लखनऊ
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ऊर्दू-अरबी-फारसी विश्विविद्यालय लखनऊ में सभी विभागों का ऑनलाइन आंतरिक मूल्यांकन 5 से 8 जुलाई तक कराया जाएगा। स्नातक, स्नातकोतर एवं डिप्लोमा पाट्यक्रमों के अंतिम सेमेस्टर की मुख्य परीक्षा 27 जून को रखी गई है। दो पालियों में होने वाली परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।

स्नतक द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर, स्नातकोतर द्वितीय, चतुर्थ सेमेस्टर, डिप्लोमा द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम अगस्त के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा।
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यूपी : सहारनपुर में नदी पास 11 हैंड ग्रेनेड मिलने से हड़कंप, मौके पर बम निरोधक दस्ता पहुंचा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार देर रात नदी के पुल के नजदीक तकरीबन एक दर्जन हैंड ग्रेनेड मिलने से हड़कंप मच गया। जानाकारी के अनुसार मिर्जापुर थानाक्षेत्र की पजना नदी में पुल के नजदीक 11 हैंड ग्रेनेड मिले हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उस स्थान को कवर कर दिया। बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंचा और जांच की। जांच पड़ताल में हैंड ग्रेनेड मिस मिले हैं, जिन्हें टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

जानकारी के अनुसार जिले के मिर्जापुर थानाक्षेत्र में पजना नदी रिजर्व फाॅरेस्ट से निकलती है, जहां आर्मी की फायरिंग रेंज भी है और आर्मी के जवान यहां फायरिंग का अभ्यास करते हैं। शनिवार को नदी के पुल के पास ग्यारह हैंड ग्रेनेड मिलने से क्षेत्र में खलबली मच गई।

सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सील कर जांच की। वहीं बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर हैंड ग्रेनेडों की जांच की, जिसमें ये निष्क्रिय मिले हैं। टीम ने जांच के बाद सभी हैंड ग्रेनेडों को अपने कब्जे में ले लिया। 

वहीं एसपी देहात अतुल शर्मा का कहना है कि पुलिस टीम गई थी, हैंड ग्रेनेड इस्तेमाल किए हुए हैं, ग्रेनेड के खोखो को कब्जे में लिया गया है।
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बदायूं: बकरी चराने गए तीन बच्चों की तालाबनुमा गड्ढे में डूबकर मौत, निकाले जा रहे शव, परिवार में मचा कोहराम

प्रतीकात्मक तस्वीर

कार्रवाई: गंगा नदी की भूमि का पट्टा करने में चकबंदी अधिकारी निलंबित, सौ बीघा भूमि में किया खेल

उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा नदी की लगभग 100 बीघा भूमि का पट्टा करने के आरोप में शासन ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबित चकबंदी अधिकारी को उन्नाव जिले से संबद्ध कर दिया है। डीएम की संस्तुति पर शासन स्तर से हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची है। 

शहर के मंगलीपुरवा निवासी तिलक सिंह राठौर ने डीएम अविनाश कुमार से गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा था कि सवायजपुर बिलग्राम तहसील क्षेत्र में गंगा नदी और रेत बालू की भूमि के साथ सवायजपुर तहसील क्षेत्र के कटरी छोछपुर में रेत की भूमि पर चकबंदी अधिकारी ने गलत ढंग से कुछ लोगों के नाम असंक्रमणीय भूमिधर (पट्टा) के रूप में दर्ज कर दी है।

शिकायत की जांच डीएम ने एसओसी बीएन उपाध्याय से कराई। शिकायत सही मिली। इस पर डीएम ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह के निलंबन की संस्तुति करते हुए गोपनीय जांच आख्या शासन को भेज दी। चकबंदी आयुक्त बी राम शास्त्री ने डीएम की आख्या और संस्तुति के आधार पर सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण पर डीएम ने कहा कि नियम विपरीत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 

एसडीएम के आदेश को निरस्त कर किया था खेल
बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी रहे सत्य प्रकाश सिंह ने नियम कानूनों को ही ताक पर नहीं रखा, बल्कि ऐसे कार्य भी किए, जिनका अधिकार  उनको नहीं है। खास बात यह है कि निरस्त किए गए पट्टों को दुरभि संधि के कारण चकबंदी अधिकारी ने आठ वर्ष बाद दोबारा उन्हीं लोगों के नाम कर दिया, जिनके विरुद्ध पूर्व में निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी।
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बेटे की मौत पर सऊदी अरब से मिले मुआवजे के भुगतान का हाईकोर्ट ने दिया आदेश

राकेश टिकैत की चेतावनी : 2022 विधानसभा चुनाव में सरकार को सबक सिखाएंगे किसान, ऐसे मजबूत होगा आंदोलन

मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर कृषि कानून के विरोध में चल रहे भाकियू के धरने के 25वें दिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव- गांव जाकर किसानों से संपर्क कर आंदोलन को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। साथ ही मेरठ के एक अस्पताल पर प्रशासनिक कार्रवाई न होने पर सील लगाने की चेतावनी दी।

कृषि कानून के विरोध में सिवाया टोल प्लाजा पर पिछले 25 दिन से धरना चल रहा है। किसान व कार्यकर्ता बारिश में भी धरने पर डटे हुए हैं। शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर से छुर्र गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे।

शादी समारोह से लौटते समय वह कुछ देर टोल प्लाजा पर रुके। राकेश टिकैत के टोल पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

राकेश टिकैत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार गूंगी व बहरी हो चुकी है। सरकार को किसान हित की कोई चिंता नहीं है। सरकार में बैठे नुमाइंदे खुद को किसान हितैशी बताते हैं। जबकि, सत्ता में बैठे किसी भी जनप्रतिनिधि ने कृषि कानून का विरोध नहीं किया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब आंदोलन में ओर तेजी लानी होगी। इसके लिए कार्यकर्ता गांव गांव जाकर किसानों से संपर्क साधे और अधिक से अधिक संख्या में धरना स्थल पर पहु्ंचने की अपील करें। उन्होंने धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और धरना जारी रखने के निर्देश दिए।

बता दें कि आंदोलन को मजबूती देने के लिए अब नई रणनीति बनाई गई है। अब आंदोलन को मजबूती देने के लिए हर एक गांव का दिल्ली बॉर्डर पर कैंप लगाया जाएगाए जिसमें बॉर्डर पर प्रत्येक गांव की उपस्थिति अनिवार्य होगी। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक कृषि कानून वापस नहीं होंगे और एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनेगा तब तक किसान आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
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