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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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भोपाल: तीन सिपाहियों ने नशे में एएसपी को पीटा, बिना वर्दी के थे सभी पुलिसकर्मी, एफआईआर दर्ज

पुलिसकर्मियों को कभी-कभी वर्दी न पहने रहने के कारण कितना खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, इसका हालिया उदाहरण मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में देखने को मिला है। दरअसल, शहर में रविवार (13 जून) की देर रात बिना वर्दी में नशे में धुत तीन पुलिसवालों ने भोपाल के एएसपी बी एम शाक्य को सड़क पर ही पीट दिया। इस दौरान एएसपी भी बिना वर्दी के ही थे। मारपीट के दौरान सिपाहियों ने एएसपी को दांत से भी काटा और उनकी पत्नी को भी धक्का दिया। फिलहाल इस मामले में तीनों सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

क्या है पूरा मामला? 
जानकारी के अनुसार, भोपाल के एएसपी बी एम शाक्य अपने परिवार संग भोपाल के रेडियो कॉलोनी में रहते हैं। वह डायल 100 मुख्यालय के वर्क शॉप शाखा में कार्यरत हैं। रविवार रात करीब 11.40 बजे वह वर्धमान सिटीमें स्थित अपने साढ़ू भाई के घर से परिवार संग सरकारी गाड़ी से घर लौट रहे थे। इस दौरान डिपो चौराहे पर देसी शराब की दुकान के सामने उन्हें बीच सड़क पर बैरिकेड्स रखे हुए दिखे। सड़क पर कम जगह होने की वजह से वह अपनी गाड़ी से उतर गए और बैरिकेड्स खिसकाने लगे। तभी सामने की सड़क से सिविल ड्रेस में नशे में धुत तीन सिपाही तेज रफ्तार में कार चलाते हुए पहुंचे। रफ्तार तेज होने से कार से एएसपी को हल्की सी टक्कर लग गई।

एएसपी की पत्नी को भी दिया धक्का
एएसपी ने उन सिपाहियों को सलीके से गाड़ी चलाने की सलाह दी तो वे तीनों एएसपी पर भड़क उठे। तीनों सिपाहियों ने एएसपी से बदसलूकी शुरू कर दी और धमकी दी। विवाद बढ़ने पर नशे में धुत तीनों सिपाहियों ने मारपीट शुरू कर दी। एक सिपाही ने तो एसएसपी की हाथ की उंगली को दांत से काट लिया जबकि दूसरे ने उनके कंधे पर प्रहार किया और तीसरे ने एससपी को तीन-चार चांटे भी जड़ दिए। इसी बीच एएसपी शाक्य की पत्नी ने जब गाड़ी से उतरकर बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनका भी हाथ पकड़कर सिपाहियों ने धक्का मार दिया।

एक एसएएफ पहले से है निलंबित
एएसपी शाक्य ने बताया कि जब तक मैं अपना परिचय देता, वे लोग यह कहते हुए निकल गए कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। अगली बार हमसे उलझोगे, तो जान से मार देंगे। इसके बाद वो लोग गाड़ी लेकर भदभदा रोड की ओर चले गए। इधर, टीटी नगर पुलिस ने एडिशनल एएसपी बी एम शाक्य की शिकायत पर तीनों आरोपी कॉन्स्टेबल विनोद पाराशर (ट्रैफिक), अनिल जाट (डीआरपी) और 25वीं बटॉलियन के एसएएफ अवधेश चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार अनिल जाट पहले से ही निलंबित है। वह 2019 में देह व्यापार के एक रेड में पकड़ा गया था। 
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मध्यप्रदेश: भोपाल में दिव्यांगों के लिए स्पेशल वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत, घर से पिकअप ड्रॉप

कोरोना महामारी के चलते मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सभी दिव्यांगों के लिए अलग टीकाकरण केंद्र नगर निगम द्वारा शुरू किया गया है। साथ विशेष सुविधा के साथ भोपाल में सोमवार को पहली बार दिव्यांगों के लिए वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत की गई। दिव्यांगों को कोई असुविधा ना हो इसके लिए हम इन्हें 100 प्रतिशत ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी है।

मध्यप्रदेश में अपनी तरह का यह पहला वैक्सीनेशन केंप था। सोमवार से दिव्यांगों के लिए टीकाकरण कैंप लगाया गया, जहां दिव्यांगों को वैक्सीन लगाई गई। भोपाल जिला प्रशासन और एमपी टूरिज्म ने साथ मिलकर वैक्सीनेशन केंप की शुरुआत की है। इसे भोपाल के लोगों का जबरदस्त रिस्पांस भी मिल रहा है। 

सभी दिव्यांगों को वैक्सीनेशन कैंप तक पहुंचने में दिक्कत ना हो इसके लिए उन्हें बाकायदा पूरी सुविधा मुहैया कराई जा रही है। उन सभी दिव्यांगजनों को घर से पिकअप और ड्रॉप की करने की सुविधा भी नगर निगम की और निशुल्क दी गई है। इस मौके पर भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया भी मौजूद थे।

प्रशासन ने भोपाल में 8000 दिव्यांगों को टीका लगाने का रखा लक्ष्य
भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि भोपाल में करीब 8,000 के आसपास दिव्यांग हैं जिनका कोरोना टीकाकरण होना है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जून के अंत तक भोपाल में सभी दिव्यांगों को कोरोना वैक्सीन लगाना है। 

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल शहरी क्षेत्र में इस सुविधा को शुरू किया गया है। लेकिन जल्दी ही ग्रामीण इलाकों में भी दिव्यांगों के लिए विशेष वैक्सीनेशन कैंप लगाए जाएंगे। पूरे जिले में 160 टीकाकरण केंद्र बनाए गए थे। अभी तक राजधानी भोपाल में सोमवार को 42,211 लोगों का टीकाकरण लगाया गया।
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मध्यप्रदेश: भाजपा नेता को पार्टी करना पड़ा भारी, लगा दस हजार का जुर्माना

शर्मनाक: खूबसूरत लड़की से कराते थे कॉल, फिर न्यूड वीडियो बना मांगते थे पैसे, कई राज्यों में बनाए शिकार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो खूबसूरत लड़की से कॉल कराकर युवाओं का न्यूड वीडियो बनाकर पैसे ऐंठने का धंधा कर रहा था। इतना ही नहीं एक साल में यह गिरोह मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों में लोगों को शिकार बनाया । अकेले मध्यप्रदेश में 60 लोगों को फंसाया गया है।  पुलिस ने हरियाणा से एक और राजस्थान से दो लोगों को गिरफ्तार किया है।  आरोपी व्हॉट्सएप कॉल पर न्यूड लड़की के वीडियो के साथ युवकों के वीडियो को जोड़ देते थे। इसके बाद, सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देक ब्लैकमेल करते थे। आरोपी वसीम को फिरोजपुर झिरका को  हरियाणा के मेवात से और पुरुषोत्तम व यादराम को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार किया गया है।

पिछले दिनों भोपाल के एक युवक ने साइबर क्राइम में इसकी शिकायत की थी। उसने बताया कि फेसबुक के माध्यम से किसी महिला के नाम की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। रिक्वेस्ट स्वीकार करने पर महिला ने फेसबुक मैसेंजर पर बात की फिर कुछ दिन इसी पर बात होती रही। इसी बीच व्हॉट्सएप नंबर ले लिया।

पैसे की डिमांड करती थी महिला
उसके बाद उसने वीडियो कॉल किया। थोड़ी देर में एक सुंदर महिला न्यूड दिखने लगी। महिला ने उसे भी न्यूड होने को कहा। वह भी महिला की बात में आकर न्यूड हो गया और इसी दौरान उस कॉल की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। जिसके बाद इस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी मिलने लगी। युवक का आरोप है कि महिला ने कहा कि अगर उसे पैसे नहीं देगा तो वह उसके रिश्तेदार, परिवार समेत सभी को यह वीडियो भेज देगा। 

युवक का आरोप है कि आरोपी महिला ने वीडियो को वायरल नहीं करने लिए बैंक खाते या मोबाइल वॉलेट में रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। डर और लोकलाज की वजह से युवक ने काफी कुछ रुपये भी उसके खाते में भेजे। उसके बाद भी उसकी डिमांड बढ़ने लगी। जिससे तंग आकर युवक ने पुलिस से शिकायत की।  पुलिस ने जांच के बाद हरियाणा व राजस्थान में छापेमार कार्रवाई कर तीन आरोपियों को पकड़ा। 

फर्जी मोबाइल नंबर से आरोपी करते थे कॉल
आरोपी फर्जी मोबाइल नंबर से फेसबुक पर सुंदर महिलाओं की फोटो प्रोफाइल में लगाकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाते थे। ठगी के लिए लोगो को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दोस्ती करते थे। फेसबुक मैसेंजर पर बातों करते और फिर सामने वाले को विश्वास में लेकर उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर उससे रोमांटिक चैटिंग शुरू कर देते फिर उसे न्यूड महिलाओं की तस्वीर भेजकर उसे भी उकसाते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्स्पेट करने वालों से रात में मैसेंजर पर बात करते थे। उसके बाद उसका व्हॉट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल करते थे। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों से इस बारे में जल्द ही जानकारी जुटाकर इस मामले में जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। 
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साइबर क्राइम साइबर क्राइम

मध्यप्रदेश: इंदौर में तेजाब पिलाकर महिला को मौत के घाट उतारा, परिजनों ने ससुरालवालों पर लगाया आरोप

मध्यप्रदेश के इंदौर में एक विवाहित महिला को तेजाब पिलाकर मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाणगंगा थाना क्षेत्र की महिला की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल वालों पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहने के बाद महिला की मौत हो गई तो परिजन शव लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पति और ससुराल वालों ने तेजाब पिलाकर उसकी हत्या कर दी।

इंदौर जिले के देवली तराना के रहने वाले राजा परमार ने विवाहिता का शव लेकर रीगल चौराहा स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंचे। यहां पर उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार की लगाई। परमार ने  बताया कि एंबुलेंस में उनकी बहन सोनाली का शव है जिसे ससुराल वालों और पति ने मार दिया। परिजनों का आरोप है कि महिला को ससुरालवालों ने एसिड पिलाकर मौत के घाट उतार दिया । 26 वर्षिय सोनाली को गुरुवार  दोपहर करीब 3 बजे घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया गया था। शुक्रवार दोपहर को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतिका के परिजनों ने आरोप लगाया कि ससुराल वाले सोनाली से दहेज की मांग करते थे। इसके लिए वे आए दिन उसे प्रताड़ित करते थे। बीते दिनों पति ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। परिजनों ने कहा कि सोनाली का एक बच्चा भी है। जिसे ससुराल वाले अपने पास रखना चाहते हैं। फिलहाल सीएसपी निहित उपाध्याय ने महिला की मौत के मामले की जांच खुद ही कर रहे हैं। 
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बड़ा फैसला : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में छह नए जजों की नियुक्ति, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज यानी शुक्रवार देर शाम को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में 6 नए जजों की नियुक्ति की मंजूरी दे दी। नए जजों में अनिल वर्मा, अरुण कुमार शर्मा, सत्येंद्र कुमार सिंह, सुनीता यादव, दीपक कुमार अग्रवाल और राजेंद्र कुमार वर्मा का नाम शामिल है।

कानून मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में शुक्रवार को छह नए न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। न्याय विभाग द्वारा जारी एक अलग अधिसूचना के अनुसार गुवाहाटी उच्च न्यायालय में भी एक अतरिक्ति न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं।
 
अधिसूचना में कहा गया है कि अनिल वर्मा, अरुण कुमार शर्मा, सत्येंद्र कुमार सिंह, सुनीता यादव, दीपक कुमार अग्रवाल और राजेंद्र कुमार (वर्मा) इसी वरिष्ठता क्रम में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश होंगे। वे सभी न्यायिक सेवाओं से न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए गए हैं।

न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक जून को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय 24 न्यायाधीशों के साथ काम कर रहा था और वहां 29 न्यायाधीशों के पद रिक्त थे। एक अन्य अधिसूचना के अनुसार रोबिन फूकन को गुवाहाटी उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। उनके पदभार संभालने की तारीख से दो साल की अवधि तक उनका कार्यकाल होगा।
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मध्यप्रदेश: उमरिया में वाहन की चपेट में आने से बाघ की मौत, जांच में जुटी वन विभाग की टीम

मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में शुक्रवार तड़के एक बाघ की मौत हो गई। कथित रूप से राजमार्ग पार करते समय एक वाहन की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई। उमरिया के वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) मोहित सूद ने पीटीआई को फोन पर बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर एनएच-43 पर यह दुर्घटना हुई। शुक्रवार तड़के लगभग तीन बजे किसी चार पहिया वाहन ने बाघ को टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, बाघ के सभी अंग सलामत पाए गए हैं।



नेशनल हाइवे पर जागरूकता के लिए लगाए जाएंगे साइन बोर्ड
डीएफओ ने कहा कि यह संरक्षित वन क्षेत्र नहीं था और बाघ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से नहीं था। उन्होंने बताया कि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस क्षेत्र में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और चालकों को जागरूक करने के लिए राजमार्ग पर साइन बोर्ड लगाने के बारे में वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की गई है। सूद ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से एनएच-43 पर गति रोधक बनाने का भी अनुरोध किया है। इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ अन्य आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे।
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अयोध्या जमीन सौदा: मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने भोपाल में दर्ज कराई शिकायत, एफआईआर की मांग

सड़क पार करते समय बाघ की मौत
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जमीन खरीदी में कथित गड़बड़ी का मामला गरमाता जा रहा है। बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने इस जमीन सौदे की जांच करने व दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। शिकायत दर्ज करने के बाद पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि हमने विहिप नेता चंपत राय व अन्य के खिलाफ भादंवि की धारा 408, 420, 120 बी के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने इंदौर पुलिस में शिकायत कर इसी तरह केस दर्ज करने की मांग की थी। 
 
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मप्र: साढ़े चार साल में आठ तबादले, आईएएस ने लिखा- पैसे नहीं खा पा रहे कलेक्टर, भरे सीएम के कान

मध्यप्रदेश: भ्रष्टाचार को लेकर आईएएस अधिकारी की चैट हुई लीक, मिला नोटिस

मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ इन दिनों सुर्खियों में हैं। लोकेश कुमार को आईएएस अधिकारियों के एक निजी सोशल मीडिया समूह पर राज्य के नौकरशाहों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर चैट वायरल होने के बाद सरकार ने कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। साथ ही लोकेश जांगिड़ ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए 11 जून को डीओपीटी  के सचिव और मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को इंटर कैडर प्रतिनियुक्ति पर तीन वर्ष के लिए मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र जाने के लिए आवेदन किया है। लेकिन लीक पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने में असमर्थता के कारण उनका बार-बार तबादला किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया है कि साढ़े चार साल में उनका नौ बार तबादला हुआ है।

राज्य सरकार ने 'अनुशासनहीनता' के लिए अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने नोटिस की पुष्टि करते हुए कहा कि तबादला और तैनाती नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया हैं। 

मध्यप्रदेश में 2014 बैच के एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी लोकेश जांगिड़ का 54 महीनों में 9 बार तबादला हुआ यानी लगभग हर 6 महीने में एक बार, अब उन्होंने अपने बीमार दादा और विधवा मां की देखभाल के लिए गृह राज्य महाराष्ट्र में तीन साल की प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया है।

हालांकि, सोशल मीडिया में आईएएस अधिकारियों के ग्रुप में किए गए उनके जो पोस्ट लीक हुए हैं वो कुछ और ही कहानी कहते हैं। उनकी लीक पोस्ट 54 महीनों में नौ पोस्टिंग के बारे में उनका दर्द बयां करती हैं, बावजूद इसके कि वे मैदान में लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। उनके लीक पोस्ट अधिकारियों के बीच बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को सहन करने में उनकी असमर्थता को भी जिम्मेदार ठहराते हैं, जिसके कारण उनका बार-बार स्थानांतरण हुआ है।

जांगिड़, जिन्हें बड़वानी जिले के अपर कलेक्टर पद से भोपाल में राज्य शिक्षा केंद्र में अतिरिक्त मिशन निदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया था, उन्होंने आईएएस अधिकारियों के ग्रुप में लिखा है, 'बिहार में किसी ऐसे अधिकारी को कलेक्टर नहीं बनाया जाता जो पैसे बनाने में लगे रहते हैं, मध्यप्रदेश में इस मामले में जितना कम कहा जाए उतना अच्छा है।'

इसी ग्रुप में एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा है "मध्यप्रदेश में कार्यकाल की स्थिरता और सिविल सर्विस बोर्ड नामक संस्था एक चुटकुला है।" जांगिड़ ने आगे लिखा, "मैं रिटायरमेंट के बाद एक किताब लेकर आऊंगा और उम्मीद करता हूं कि सभी के सामने तथ्य लाऊंगा। अभी मेरे हाथ आचरण नियमों से बंधे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जो लोग हर तरह के माफिया से पैसा निकालते हैं, उनका एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरण होता है। और त्रुटिहीन ईमानदारी वाले लोग स्थानांतरण पर सचिवालय में फेंक दिए जाते हैं।"

2014 बैच के आईएएस अधिकारी ने बड़वानी जिले के अतिरिक्त कलेक्टर के पद से राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल में अतिरिक्त मिशन निदेशक के पद पर अपने हालिया स्थानांतरण के बारे में लिखा कि वर्तमान बड़वानी जिला कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने उनके (जांगिड़) सीएम शिवराज सिंह चौहान के कानों में जहर भरा क्योंकि वह (कलेक्टर) पैसा नहीं बना पा रहा था। उन्हीं पोस्टों में, आईएएस अधिकारी ने वर्तमान बड़वानी कलेक्टर और सीएम दोनों के एक ही किरार समुदाय से होने के बारे में लिखा। सीएम की पत्नी किरार महासभा की मुखिया हैं, जबकि बड़वानी कलेक्टर की पत्नी इसकी सचिव हैं।

युवा नौकरशाह ने वरिष्ठ नौकरशाहों की भी तीखी आलोचना करते हुए लिखा, "बेशक नौकरशाही में कौन है जो इन दिनों केवल नीरो के मेहमान हैं।" राज्य के आईएएस अधिकारियों के इस ग्रुप में एक वरिष्ठ नौकरशाह जांगिड़ को सलाह देते हैं कि वह कुछ शालीनता रखें और अपने सभी पोस्ट हटा दें, जिस पर युवा आईएएस अधिकारी यह कहते हुए जवाब देते हैं कि वह पोस्ट नहीं हटाएंगे और उन्हें ग्रुप से हटाया जा सकता है। बाद में उन्हें आईएएस ऑफिसर्स के इस निजी चैट ग्रुप से ग्रुप एडमिन ने हटा दिया।

जांगिड़ ने कहा कि "मध्यप्रदेश आईएएस एसोसिएशन का सिग्नल एप पर एक ग्रुप है ये तथ्य सही है कि ये पोस्ट मैंने ही किए थे। हालांकि ये एक क्लोजड ग्रुप है इसलिए इसमें क्या लिखा था, क्यों लिखा था इसकी जानकारी मैं आपको नहीं दे सकता। 54 महीने में 9 ट्रांसफर हुए ये बात सही है। मैंने पारिवारिक वजहों से महाराष्ट्र में तीन साल के लिए अंतर कैडर प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया है, परभणी मेरा गृह जिला है, 87 साल के मेरे दादाजी बीमार हैं, मेरी मां हैं इसलिए मैंने 11 जून को प्रतिनियुक्ति के लिये आवेदन दिया है।"

हालिया स्थानांतरण के बारे में पूछे जाने पर, जांगिड़ ने कहा, "स्थानांतरण और पोस्टिंग हर सरकार के विशेषाधिकार हैं। मुझे सरकार के बारे में शिकायत करने के लिए कुछ भी नहीं है। एसडीएम-विजयपुर के रूप में मेरी पहली पोस्टिंग के बाद से मेरे क्षेत्र असाइनमेंट श्योपुर जिले ने मुझे अत्यधिक संतुष्टि दी है, विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता के साथ काम करने की संतुष्टि।" उधर इस मामले में सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जांगिड़ को नोटिस जारी किया गया है।

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खतरा: मध्यप्रदेश में मिला कोरोना डेल्टा प्लस का पहला मामला, भोपाल की 65 वर्षीय महिला में इस वैरिएंट की पुष्टि

मध्यप्रदेश में कोरान संक्रमण की दूसरी लहर भले ही कमजोर हो गई है, लेकिन खतरा अब भी बरकरार है। राज्य में कोरोना के नए डेल्टा प्लस वैरिएंट केस सामने आने से चिंता बढ़ गई है। भोपाल में एक महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट की पुष्टि हुई है। महिला के संपर्क में आए 20 अन्य लोगों की जांच की जा रही है। फिलहाल महिला घर पर है। 

भोपाल में बरखेड़ा पठानी निवासी 65 साल की महिला में यह वैरिएंट मिला है। कुछ दिन पहले उसके सैंपल की जांच करने के लिए भेजा गया था। हालांकि, महिला की रिपोर्ट निगेटिव है और अपने घर पर आइसोलेट है। देश में कोरोना की दूसरी लहर के लिए कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को जिम्मेदार माना जाता है। अब इसी वैरिएंट का बदला रूप डेल्टा प्लस है। यह पहली बार भारत में ही पाया गया। अभी तक देश में 6 डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले मिल चुके हैं। विशेषज्ञ का कहना है कि इस नए डेल्टा प्लस वैरिएंट पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल का भी असर नहीं हो रहा है। 

महिला के संपर्क में आए 20 लोगों की चल रही जांच
भोपाल से जून में 15 सैंपल जांच के लिए गांधी मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे। जीनोम सिक्वेंसिंग में महिला के सैंपल में डेल्टा प्लस वैरिएंट मिलने की पुष्टि हुई। साथ ही रिपोर्ट में डेल्टा और अन्य वैरिएंट भी मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अब महिला के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रही है। अभी तक इसमें 20 लोग की पहचान की गई है, जिनकी जांच चल रही है। 

महिला को लग चुकी है वैक्सीन
मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि शहर में कोरोना का नया वैरिएंट डेल्टा प्लस मिलने की सूचना है। संक्रमित महिला को कोरोना की वैक्सीन दी जा चुकी है। उसे निगरानी में रखा गया है। उसकी हालत ठीक है। सैंपल को NCDC और हायर रिसर्च इंस्टीट्यूट को भेजा है।
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योजना: इस ट्रेन में कोरोना सेंसिटिव कोच लगाएगा रेलवे, हवा में ही वायरस को मार देगी प्लाज्मा एयर थेरेपी

देश में कोरोना की दूसरी लहर भले ही थमती नजर आ रही है, लेकिन रेलवे अपनी तैयारियों में लगा हुआ है। दरअसल, रेलवे खास तरह के कोरोना सेंसिटिव कोच तैयार कर रहा है, जिसमें एंट्री करते ही कोरोना वायरस का दम निकल जाएगा। दरअसल, इन खास कोच में प्लाज्मा एयर थेरेपी का इस्तेमाल किया जाएगा। यह जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने दी। उन्होंने बताया कि इस खास कोच को सबसे पहले शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस में लगाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जुलाई तक रेलवे को एक एसी श्रेणी का कोच मिल जाएगा।

यह है रेलवे की योजना
जानकारी के मुताबिक, कोरोना महामारी से लड़ने के लिए रेलवे लगातार खुद को मुस्तैद कर रहा है। इसी कड़ी में एलएचबी कोच को कोरोना सेंसिटिव बनाने का फैसला लिया गया। बताया जा रहा है कि इन खास कोच में प्लाज्मा एयर थेरेपी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे कोरोना का संक्रमण फैलाने वाला वायरस महज चंद सेकेंड में खत्म हो जाएगा। 




यह होगी विशेष कोच की खासियत
बताा जा रहा है कि इस कोच में गेट के हैंडल पर कॉपर कोटिंग होगी। वहीं, ह्यूमन टच को कम से कम रखने की कोशिश की जाएगी। कोच के अंदर टाइटेनियम डाई ऑक्साइड की पर्त रहेगी, जिस पर कोरोना जीवित नहीं रहता। वहीं, टॉयलेट के नल, सोप डिस्पेंसर आदि को टच लैस बनाया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, ये खास कोच एसी के साथ-साथ नॉन एसी श्रेणी में भी बनाए जाएंगे। 

निशातपुरा कोच फैक्टरी को मिल सकती है जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक, निशातपुरा स्थित फैक्टरी में प्रोडक्शन यूनिट की तरह काम शुरू हो चुका है। ऐसे में कुछ एलएचबी कोच के मेंटिनेंस के समय उनमें कोरोना सेंसिटिव बनाने वाली व्यवस्थाएं की जा सकती हैं। इसके लिए रेल मंत्रालय से जल्द ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
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श्रीराम मंदिर ट्रस्ट भूमि घोटाला: चंपत राय पर स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का तंज, मोदी उन्हें ट्रस्ट से जल्द हटाएं

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण ट्रस्ट पर लगे जमीन घोटाले के आरोप के बाद बढ़ी सियासत के साथ-साथ संत समाज भी नाराज है। द्विपीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने चंपत राय पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को गैरजिम्मेदार बताते हुए हटाने की मांग की है। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने इस दौरान अयोध्या में हो रहे मंदिर निर्माण में लगे ट्रस्ट के बहाने आरएसएस और भाजपा पर भी निशाना साधा। 

मंदिर ट्रस्ट से पहले चंपत राय को कोई नहीं जानता था- स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर में परमहंसी गंगा अश्रम में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट का निर्माण किया और उसमें बड़ी संख्या में भ्रष्टाचारियों को शामिल कर लिया गया। राम मंदिर ट्रस्ट में नियुक्ति से पहले तक चंपत राय को कोई नहीं जानता था, लेकिन उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई। शंकराचार्य ने चंपत राय पर आड़े हाथ लेते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए जो राशि आई उससे महंगे दामों पर जमीन खरीद-बिक्री जा रही है। ऐसे में चंपत राय कह रहे हैं कि हम पर गांधी जी की हत्या का भी आरोप लगा। हम आरोपों की परवाह नहीं करते तो ऐसे गैर जिम्मेदार लोग किस तरह से ट्रस्ट में बैठे हुए हैं।

मोदी सरकार पर भी शंकराचार्य का निशाना
स्वरूपानंद सरस्वती ने बिना नाम लिए मोदी सरकार पर भी गोहत्या बंद नहीं कराने को लेकर तंज किया। शंकराचार्य ने कहा की गो हत्या बंदी के लिए जब इनकी संख्या संसद में 2 थी, तब लंबे समय तक इसके खिलाफ संघर्ष किया गया, जब संसद में इनकी संख्या 200 से ज्यादा हो गई तो यह गोहत्या बंद करने का नारा भूल गए।  

क्या है पूरा मामला
दरअसल, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन पर सवाल उठ रहे हैं। आप नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तेज नारायण पांडेय पवन ने ट्रस्ट पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने भी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की। 
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