आज का शब्द: मूसलाधार और गीत चतुर्वेदी की कविता- बहने का जन्मजात हुनर

आज का शब्द- मूसलाधार और गीत चतु्र्वेदी की कविता: बहने का जन्मजात हुनर
                
                                                             
                            मूसलाधार दो शब्दों के योग से बना है- मूसल +धार, जो विशेषण के रूप में प्रयोग किया जाता है, इसका अर्थ है- मूसल के समान मोटी धार के रूप में होने वाली (वर्षा)। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- मूसलाधार। प्रस्तुत है गीत चतुर्वेदी की कविता: बहने का जन्मजात हुनर
                                                                     
                            

जिन स्कूलों में गया, वहाँ केवल तैरना सिखाया गया 
डूबने का हुनर मैंने ख़ुद विकसित किया 

बहना मैंने कभी नहीं सीखा 
मैं इतना हल्का था हमेशा कि कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी 

कहीं भी बह सकता हूँ, तुम्हारे कंठ से निकले गीतों में भी 
बह जाने की वफ़ादारी मुझमें भरपूर है  आगे पढ़ें

1 week ago
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