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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार

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लीक से हटता किसान आंदोलन: पटरी पर लाना होगी चुनौती, तीन घटनाओं और आंदोलनकारियों पर संगीन आरोप से बिगड़ा खेल

किसान आंदोलन लीक से भटकने लगा है। ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे कुछ आंदोलनकारियों पर संगीन अपराधों के आरोप लगे हैं। ताजा मामला बहादुरगढ़ का है। जहां एक ग्रामीण को किसान आंदोलन में जिंदा जला दिया गया। आरोप दो आंदोलनकारियों पर है। पुलिस जांच कर रही है लेकिन छवि पर आंच तो आ गई है।

इससे पहले बहादुरगढ़ के ही टीकरी बार्डर पर चल रहे आंदोलन में बंगाली युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आंदोलनकारी पकड़ा गया था। हालांकि बड़े किसान नेता इन लोगों को आंदोलनकारी नहीं मान रहे लेकिन घटनास्थल किसान आंदोलन है तो इसका फैसला करना कठिन है। वहीं अगर ये लोग आंदोलनकारी नहीं हैं तो क्या से मान लिया जाए कि आंदोलन में असामाजिक तत्व शामिल हो चुके हैं। खुद गृहमंत्री अनिल विज ये बात कह चुके हैं।


किसान आंदोलन से शुरुआत के दो महीने तक जहां कोई विवाद नहीं जुड़ा था, वहीं अब साढ़े चार महीने में आंदोलन से लगातार विवाद जुड़ रहे हैं, जिससे सबसे बड़ा नुकसान यह हो रहा है कि सरकार व किसानों में बातचीत का रास्ता पूरी तरह से बंद होता जा रहा है। अब ग्रामीण भी आंदोलनकारियों का विरोध करने लगे हैं। सोनीपत में ग्रामीणों ने महापंचायत कर रास्ते बंद करने का विरोध किया है। ऐसे में किसान नेताओं पर किसान आंदोलन को सफल बनाने के साथ ही इसे विवादों से दूर रखने की दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। 
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किसान आंदोलन किसान आंदोलन

करनाल में बर्बरता: किसान पर लगाया चोरी का आरोप, पानी में डालकर दी यातनाएं, पेड़ पर उल्टा लटकाकर पीटा

हरियाणा के घरौंडा में गांव गढ़ी भरल के खेतों में एक किसान के साथ मारपीट कर उसे पेड़ पर उल्टा लटकाकर यातनाएं देने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसान को पेड़ से उतार कर उसे मूर्छित अवस्था में अस्पताल में दाखिल करवाया। बाद में उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

पीड़ित इकबाल राणा के परिजनों ने बताया कि इकबाल माजरा निवासी नवाब के खेतों के काम करता है। शुक्रवार सुबह नवाब व उसका एक साथी बाइक पर इकबाल के घर आए और उसे अपने साथ खेत में ले गए। वहां दोनों ने इकबाल पर चोरी का आरोप लगा मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने इकबाल को कई बार पानी में डाल कर यातनाएं दी। इसके बाद दोनों पांव बांध कर उल्टा पेड़ पर लटका दिया और कई घंटे तक मारपीट करते रहे। 
 

काफी समय बाद इकबाल के परिजन उसे ढूंढने नवाब के खेत में पहुंचे तो इकबाल पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसान इकबाल को मूर्छित अवस्था में अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां से उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
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किसान आंदोलन में जिंदा जलने का मामला: अब एक और वीडियो आया सामने, मृतक की पत्नी बोली- आवाज मेरे पति की नहीं

आंदोलनकारी किसानों के टीकरी बार्डर पड़ाव में गांव कसार के निकट ग्रामीण मुकेश के जिंदा जलने के मामले में एक और वीडियो सामने आया है। इस वीडियो की आवाज को मुकेश की आवाज माना जाए तो मौत से पहले मुकेश ने यह भी कहा कि परिवार से परेशान होकर उसने खुद ही आग लगाई है।

इस वीडियो में दो लोग बात कर रहे हैं। एक आवाज गुरुवार को वायरल हुए उन वीडियो की आवाज से मिलती-जुलती है जिनमें मुकेश सफेद कपड़ों वाले व्यक्ति पर आग लगाने का आरोप लगाया है। अब सामने आया वीडियो शायद घटनास्थल पर ही बनाया गया है। यह वीडियो अंधेरे में बनाया गया है, इसलिए बातचीत करने वालों के चेहरे नहीं, सिर्फ आवाज लगभग साफ सुनाई दे रही है। 

वीडियो में सुनाई दे रही आवाज अगर झुलसे हुए मुकेश की है तो वह कह रहा है कि उसने खुद ही आग लगाई। वीडियो की आवाज से लगता है कि झुलसे मुकेश से पंजाब का कोई तेजतर्रार किसान आंदोलन पर सवाल कर रहा है। किसान के पूछने पर मुकेश ने कहा कि वह घरवालों से था परेशान है, बीवी से भी उसका झगड़ा हुआ था। तंग आकर उसने खुद को आग लगा ली।
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किसान आंदोलन: ग्रामीणों ने की किसानों को हटाने की मांग, कहा- राकेश टिकैत और चढूनी के आने से बिगड़ेगा माहौल

हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसानों के पड़ाव में कसार गांव के मुकेश के जिंदा जलने के बाद ग्रामीणों ने किसान आंदोलन के नेताओं और पुलिस प्रशासन से गांव के पास बैठे आंदोलनकारियों को दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की अपील की है। साथ ही कहा कि किसान आंदोलन की छवि को हो रहे नुकसान को काबू करने के प्रयास में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और राकेश टिकैत को उनके गांव में नहीं आना चाहिए, इससे गांव का माहौल बिगड़ेगा।

गांव के पूर्व सरपंच टोनी ने कहा कि उनके गांव कसार के लोगों ने किसान आंदोलन में खूब सहयोग किया। चंदा दिया, दूध पानी उपलब्ध करवाया और किसानों को गांव के पास शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध करवाई लेकिन किसान आंदोलन में शामिल कुछ गलत लोगों की वजह से अब ग्रामीण परेशान हो चुके हैं। आंदोलनकारियों के कई टेंट में शराब चलती है और बहुत ऊंची आवाज में डीजे बजाया जाता है। जिससे गांव की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं। किसान आंदोलन में शामिल ऐसे लोग गांव के माहौल को खराब कर रहे हैं।

ग्रामीण मुकेश की मौत के बाद चर्चा चल रही है कि आंदोलन की छवि बिगड़ने से रोकने के लिए किसान नेता और खाप के पंचायती लोग गांव आएंगे और ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन का पक्ष रखेंगे। इस तरह की संभावनाओं पर टोनी और सतीश ने कहा कि खाप और गांवों के प्रधानों के आने पर उन्हें कोई एतराज नहीं है लेकिन राकेश टिकैत और गुरनाम सिंह चढूनी उनके गांव में नहीं आने चाहिए। उनके आने से गांव का माहौल बिगड़ेगा।

उधर, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने मीडिया के सवाल पर कहा कि फिलहाल वह आंदोलन के काम से अंबाला में व्यस्त हैं और आंदोलन की तरफ से इस मामले को देखने के लिए उन्होंने अपनी यूनियन के जिला प्रधान बल्लू और स्थानीय धरना कमेटी की जिम्मेदारी लगा दी है।
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कबूलनामा: किसान आंदोलन के बारे में गलत बोलने पर आया गुस्सा, आरोपी बोला- पेट्रोल डालकर लगा दी आग

किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और राकेश टिकैत।
गांव कसार के ग्रामीण को जिंदा जलाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कृष्ण ने कबूल किया है कि मुकेश के किसान आंदोलन के बारे में अनापशनाप बोलने पर उसने ऐसा किया। पुलिस पूछताछ में कृष्ण ने कहा कि मुकेश के गाली गलौज करने पर उसने पास पड़ी पेट्रोल की बोतल उस पर उड़ेल कर आग लगाई थी। शुक्रवार को कृष्ण को अदालत में पेश किया गया।

जींद के गांव रायचंद वाला का निवासी आरोपी कृष्ण करीब 10 दिन से आंदोलन में शामिल था। वहीं मृतक मुकेश कई बार आकर किसानों के साथ बैठकर शराब पीता था। सेक्टर-6 थाना प्रभारी जयभगवान के अनुसार बुधवार शाम मुकेश ने कृष्ण, संदीप और दो अन्य लोगों के साथ शराब पी। कृष्ण ने पूछताछ में बताया कि इस दौरान मुकेश ने किसान आंदोलन के संबंध में कुछ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद पूरा घटनाक्रम हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी कृष्ण को अदालत में पेश किया। अदालत ने एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है। 

वायरल वीडियो जांच में शामिल
थाना प्रभारी ने दावा किया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप की सीसीटीवी कैमरे कई दिन से खराब हैं लेकिन तकनीकी लोगों की मदद से उसमें मौजूद डाटा जुटाया जाएगा। पुलिस ने मुकेश की मौत से पहले अस्पताल में लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो को सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है। 
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