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दसवीं बोर्ड : गणित का परिणाम तैयार करने में आ रही उलझन दूर, सीबीएसई ने दिया सुझाव

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 11 Jun 2021 04:23 AM IST

सार

  • स्कूलों को दसवीं के बेसिक गणित व स्टैंडर्ड गणित का रिजल्ट तैयार करने में आ रही थी दिक्कत
  • सीबीएसई ने दूर की उलझन
  • बोर्ड बदलने वाले स्कूलों के लिए अलग नियामवली तैयार की जाएगी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

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विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा रद्द होने के बाद बोर्ड ने स्कूलों को रिजल्ट तैयार करने को कहा है। कई स्कूलों को दसवीं के बेसिक गणित व स्टैंडर्ड गणित के रिजल्ट तैयार करने में दिक्कतें आ रही हैं। दरअसल बेसिक व स्टैंडर्ड गणित को वर्ष 2020 से लागू किया गया है लेकिन रिजल्ट तैयार करने के लिए स्कूलों को 2019-20 के पहले के भी रेफरेंस वर्ष मिले हैं। 
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सीबीएसई ने दसवीं के गणित के रिजल्ट तैयार करने में आ रही परेशानियों को देखते हुए स्कूलों की उलझन दूर की है। बोर्ड ने स्कूलों के लिए कुछ एफएक्यूज (लगातार पूछे जाने वाले प्रश्न) जारी किए हैं। वहीं कई स्कूलों की उलझन यह भी है कि उन्होंने बोर्ड बदला है। इस साल उनका दसवीं का पहला बैच है। ऐसे में बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड बदलने वाले स्कूलों के लिए अलग से नियमावली जारी की जाएगी। 


सीबीएसई की ओर से जारी एफएक्यूज में बोर्ड ने गणित के रिजल्ट तैयार करने केहल सुझाए हैं। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि 2019-20 को बेसिक गणित के लिए बेस ईयर के रुप में लिया जाएगा। ऐसे में जिन भी स्कूलों का रेफरेंस ईयर 2019-20 से पहले का है उनकेलिए बोर्ड ने दो विकल्प सुझाए हैं। पहला 2019-20 में बेसिक गणित के औसत के आधार पर 2020-21 के रिजल्ट केलिए बेसिक गणित के अंक की गणना होगी। 

वहीं स्टैंडर्ड गणित के अंक इस तरह से दिए जाएंगे जिससे कि 2020-21 केबेसिक व स्टैंडर्ड गणित का समग्र औसत रेफरेंस ईयर के गणित केकुल औसत केसमान हो। जबकि दूसरा विकल्प है कि 2020-21 के बेसिक व स्टैंडर्ड गणित केसमग्र औसत अंकों को एक साथ लिया जाएगा जो कि रेफरेंस ईयर के औसत तक हो। 

औसत परिणाम का ले सकते हैं सहारा
सीबीएसई का कहना है कि विद्यार्थियों की संख्या केआधार पर औसत निकालना होगा। स्कूलों को यह ध्यान देना होगा कि रेफरेंस ईयर केऔसत से 2020-21 का औसत अधिक नहीं होना चाहिए। वहीं स्कूलों ने बोर्ड से पूछा है कि यदि कोई स्कूल किसी अन्य स्टेट बोर्ड से अलग होकर सीबीएसई बोर्ड में आया हो और इस साल उनका दसवीं का उनका पहला बैच हो तब स्कूलों को कैसे रिजल्ट केलकुलेट करना है? इस पर बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अन्य बोर्ड से अलग होकर सीबीएसई में शामिल होने वाले स्कूल पुराने बोर्ड के बीते साल के रिजल्ट औसत केमाध्यम से तैयार किया जा सकता है। 

इसकेलिए अलग से नियमावली जारी की जाएगी। ऐसे स्कूलों को इस नियमावली के अनुसार ही कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे। तब तक स्कूलों को इंतजार करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बोर्ड ने रिजल्ट तैयार करने में आ रही दिक्कतों को लेकर स्कूलों की शंकाओं का समाधान करने के लिए एफएक्यूज जारी किए थे। 
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