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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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कोरोना रिटर्न: एम्स निदेशक की चेतावनी, 6 से 8 माह में आ सकती है तीसरी लहर, कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन जरूरी

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शनिवार को चेतावनी दी कि यदि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया गया और भीड़-भाड़ नहीं रोकी गई तो अगले छह से आठ सप्ताह में वायरल संक्रमण की अगली लहर देश में दस्तक दे सकती है।

गुलेरिया ने कहा कि जब तक बड़ी संख्या में आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक कोविड-उपयुक्त व्यवहार का आक्रामक तरीके से पालन करने की आवश्यकता है। उन्होंने संक्रमण के मामलों में बड़ी वृद्धि होने पर कड़ी निगरानी और क्षेत्र-विशेष में लॉकडाउन की आवश्यकता पर जोर दिया।

गुलेरिया ने दोहराया कि अब तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि संक्रमण की अगली लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। इससे पहले, भारत के महामारी विज्ञानियों ने संकेत दिया था कि कोविड-19 की तीसरी लहर अपरिहार्य है और इसके सितंबर-अक्टूबर से शुरू होने की आशंका है।

भारत अप्रैल और मई में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से बुरी तरह प्रभावित हुआ था, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की जानें गई थीं और विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी के कारण संकट बढ़ गया था। हालांकि, अब संक्रमण के मामलों की संख्या में गिरावट देखी गई है और संक्रमण दर भी पिछले कई दिनों से घट रही है। कोविड-19 के प्रतिदिन सामने आने वाले मामले जो करीब चार लाख हो गए थे अब ये कम होकर 60,000 के आसपास हो गए हैं।

गुलेरिया ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘यदि कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं किया जाता है, तो तीसरी लहर छह से आठ सप्ताह में आ सकती है। हमें टीकाकरण होने तक एक और बड़ी लहर को रोकने के लिए आक्रामक तरीके से काम करने की जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि कोविड हॉटस्पॉट में आक्रामक निगरानी और संक्रमण के मामलों में अधिक वृद्धि होने पर लॉकडाउन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब भी किसी क्षेत्र विशेष में मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि होती है और संक्रमण दर 5 प्रतिशत से अधिक होती है, क्षेत्र विशेष लॉकडाउन और रोकथाम उपायों को लागू किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, आर्थिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय स्तर का लॉकडाउन (महामारी पर लगाम लगाने के लिए) समाधान नहीं हो सकता है।’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में एक दिन में कोविड-19 के 60,753 नए मामले आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 2,98,23,546 हो गयी जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 7,60,019 हो गयी है जो 74 दिनों में सबसे कम है।

मंत्रालय द्वारा सुबह सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, 1,647 और लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या 3,85,137 हो गयी है। उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 2.55 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले लोगों की राष्ट्रीय दर 96.16 प्रतिशत है।
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एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया

दिल्ली का मौसम : मानसून के लिए करना होगा थोड़ा इंतजार, तब तक जारी रहेगी भीषण गर्मी और उमस

दिल्ली-एनसीआर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों की राहत पर पश्चिमी हवाओं ने ब्रेक लगा दिया है। यही वजह है कि पूर्वी दिशा से बहने वाली हवा के साथ आने वाले मानसून को दिल्ली पहुंचने में देरी हो रही है। मौसम विज्ञानियों का मानें तो आगामी तीन से चार दिनों तक मानसून के पहुंचने की उम्मीद नहीं है। पश्चिमी हवाओं के रूकने बाद ही दिल्ली वासियों को मानसून की दस्तक देखने को मिल सकती है। 

मौसम विभाग के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक, इस समय पश्चिम से आने वाले हवाएं राजस्थान से दिल्ली का रूख कर रही हैं। दूसरी ओर, पूर्वी दिशा से आने वाली हवाएं भी चल रही हैं। दोनों दिशा से आने वाले हवाएं उत्तर भारत के ऊपरी भाग में आकर टका रही हैं। इससे पूर्वी दिशा की हवा पश्चिमी हवा के आगे कमजोर पड़ रही है। यही वजह है कि दिल्ली-एनसीआर के वासियों का मानसून को लेकर इंतजार बढ़ रहा है। 

श्रीवास्तव के मुताबिक, मानसून मध्यप्रदेश से होते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। मानसून बढ़ने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्से को कवर भी कर चुका है। हालांकि, धीमी गति से बढ़ रहे मानसून की वजह से अधिक निराशा नहीं रहेगी। 

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष और मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, दिल्ली में मानसून के आगमन के लिए पूर्वी दिशा से आने वाली हवाओं को जिम्मेदार माना जाता है। हवाएं अपने साथ मानसून को लेकर आती हैं, लेकिन इस बार मौसमी परिस्थितियों की वजह से पश्चिमी हवाओं का दौर जारी है। पलावत ने बताया कि शनिवार तक मानसून उत्तर प्रदेश के मेरठ तक पहुंच चुका है। ऐसे में अभी उम्मीद है कि अगले तीन दिन बाद दिल्ली-एनसीआर को भी मानसून की राहत मिल सकती है। 

प्रादेशिक मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से चार कम 35.1 डिग्री सेल्सियस  और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन कम 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 81 और न्यूनतम स्तर 54 फीसदी रहा। दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 35.2, लोदी रोड में 34.9, गुरुग्राम में 35.7, नोएडा में 35 व पीतमपुरा में 35.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य 37 और न्यूनतम तापमान  26 डिग्री सेल्सियस तक बना रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अभी तक प्री मानसून से भी दिल्ली-एनसीआर वासियों को निराशा ही हाथ लग रही है। विभाग प्रतिदिन बारिश की संभावना बता रहा है, लेकिन इसके विपरित सूरज और बादलों के बीच दिनभर सिर्फ लुकाछिपी का ही खेल चलता है।

साफ श्रेणी में बनी रही दिल्ली-एनसीआर की हवा
दिल्ली-एनसीआर की हवा ने शनिवार को भी साफ श्रेणी का दामन थामे रखा। अगले तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता में बदलाव की संभावना नहीं है। यदि बारिश होती है तो इससे हवा और भी साफ हो सकती है। 

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 70 दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदाबाद का 83, गाजियाबाद का 85, गुरुग्राम का 66, ग्रेटर नोएडा का 58 और नोएडा का 55 एक्यूआई दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में हवा में पीएम 10 का स्तर 66 और पीएम 2.5 का स्तर 29 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किय गया।
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दाढ़ी काटने का मामला: सपा नेता उम्मेद पहलवान गिरफ्तार, उसी ने डाला था भड़काऊ वीडियो

गाजियाबाद के लोनी में बुजुर्ग तांत्रिक को पीटने के बाद उसकी दाढ़ी काटने के का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले उम्मेद पहलवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि उम्मेद को दिल्ली के लोक नारायण जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे गाजियाबाद लाया जा रहा है। भड़काऊ वीडियो वायरल करने के संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी।

बुलंदशहर के अनूपशहर निवासी बुजुर्ग तांत्रिक अब्दुल समद की दाढ़ी काटने के मामले में गुलशन उर्फ पोली को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गुलशन सरेंडर करने कोर्ट जा रहा था, उसी वक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

उम्मेद पहलवान ने रची साजिश, अब्दुल समद ने सच को छिपाया
दाढ़ी काटे जाने की घटना की जांच में पूरा सच सामने आ जाने का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस का कहना है कि असली घटना समद के साथ मारपीट और दाढ़ी काटे जाने की हुई थी। इसी को सांप्रदायिक रंग देने की साजिश उम्मेद पहलवान ने रची। समद ने सच्चाई को छिपाए रखा। पुलिस ने केस डायरी में सभी आरोपियों की भूमिका साफ कर दी है। हालांकि, लिखा- पढ़ी में अभी तक समद को आरोपी नहीं बनाया गया है।





दाढ़ी काटने की घटना 5 जून को हुई और उसका केस 7 जून को दर्ज हुआ। नौ दिन बाद 14 जून को घटना की वीडियो वायरल हुई तो बखेड़ा हो गया। पुलिस ने  कुल तीन मामले दर्ज किए हैं। ट्विटर पर दर्ज केस के अलावा एक मामला दाढ़ी काटने का तो दूसरा मामला भड़काऊ वीडियो वायरल करने का है। सीओ लोनी ने अब्दुल समद और सभी आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी है...

अब्दुल समद- दाढ़ी काटने के आरोपी प्रवेश गुर्जर को पहले से जानता था, फिर भी एफआईआर में उसे नामजद नहीं कराया। इस सच्चाई को भी छिपा लिया कि उसने प्रवेश को ताबीज दिया था।    (घर से चला गया है)

उम्मेद पहलवान - ताबीज का असर न होने की घटना को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की। फेसबुक लाइव पर समद का वीडियो दिखाते हुए भड़काऊ बातें कहीं। (गिरफ्तार है)

प्रवेश गुर्जर- समद द्वारा दिए ताबीज का उल्टा असर होने के शक पर उसे घर में बंधक बनाया। दर्जन भर साथियों को बुलाकर सूफी समद के साथ मारपीट की और उनकी दाढ़ी काटी। (रंगदारी मामले में जेल में है)

इंतजार- प्रवेश को तांत्रिक  समद से मिलवाया था। दो बार उसे प्रवेश के घर लेकर गया। घटना वाले दिन अपने साले सद्दाम के साथ बाइक पर तांत्रिक को प्रवेश के पास भेजा। घटना के दौरान मौके पर मौजूद था। (गिरफ्तार हो चुका है)

सद्दाम - बहनोई इंतजार के कहने पर सूफी को बाइक से प्रवेश के घर ले गया। समद के साथ मारपीट व दाढ़ी काटने की घटना के दौरान मौके पर मौजूद था। (गिरफ्तार हो चुका है)

आदिल- प्रवेश का दोस्त है। घटना वाले दिन प्रवेश का फोन आने पर ही वह अपने दोस्तों को लेकर प्रवेश के पास पहुंचा। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहा। (गिरफ्तार हो चुका है)

अभय उर्फ कल्लू- आदिल के साथ प्रवेश के पास पहुंचा और सूफी समद के सात हुई घटना में शामिल रहा। (गिरफ्तार हो चुका है)

हिमांशु, अनस, बाबू, शावेज- प्रवेश और आदिल के दोस्त हैं। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहे। (गिरफ्तार हो चुके हैं)

गुलशन उर्फ पोली- प्रवेश और आदिल का दोस्त हैं। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहे। (गिरफ्तार हुआ)

आवेश चौधरी- प्रवेश और आदिल का दोस्त है। सूफी समद के साथ हुई घटना में शामिल रहा। (अभी फरार चल रहा है)
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दिल्ली: शहीद हुए सैन्य, पुलिस, असैन्य रक्षाकर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देगी सरकार

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को कहा कि अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जान गंवाने वाले वायुसेना, दिल्ली पुलिस और असैन्य सुरक्षा के छह कर्मियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

सिसोदिया ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार देश की सेवा करते हुए शहीद हुए जवानों के परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

उन्होंने डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘जवानों का शहीद होना एक अपूरणीय क्षति होती है। केजरीवाल सरकार ने सत्ता में आने के बाद ऐसे कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि मुहैया करने के लिए योजना शुरू की है, ताकि यह उनके लिए आय का स्रोत बन सके और वे गरिमा के साथ जीवन जी सकें।’



वहीं केजरीवाल ने भी इस मामले में ट्वीट कर कहा, देश को बाहरी और भीतरी ख़तरों से बचाते हुए सुप्रीम शहादत देने वाले इन जांबाजों को मैं नमन करता हूं। दिल्ली सरकार इनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि देगी। हम इन परिवारों को कहना चाहते हैं- देश आपके साथ है, देश को आपके बेटे/बेटी पर गर्व है।



 
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टूट गया वादा: 'चिंता मत करो, तीन-चार दिन में हो जाऊंगा ठीक' आखिरी इंटरव्यू में मिल्खा सिंह ने यूं बंधाया था ढांढस

मनीष सिसोदिया
छह दिन पहले जब मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का कोरोना से निधन हुआ था तब किसने ये सोचा था कि कुछ दिन बाद ही ये दुखद खबर आएगी कि देश के फ्लाइंग सिख भी इस दुनिया में नहीं रहे। वो भी तब जब उनके कोरोना संक्रमण का स्तर भी बहुत ज्यादा नहीं था और बीमारी के दौरान ही दिए गए अपने आखिरी इंटरव्यू में उन्होंने वादा किया था वह तीन-चार दिन में ठीक होकर वापस आ जाएंगे।कोरोना संक्रमण का पता चलने के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह ने कहा था कि वह जल्दी ठीक हो जाएंगे और उन्हें यकीन था कि अपनी स्वस्थ जीवन शैली और नियमित व्यायाम के दम पर वह वायरस को हरा देंगे। 91 वर्ष के मिल्खा का एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल में निधन हो गया। आगे पढ़ें उन्होंने अपनी आखिरी बातचीत में और क्या-क्या कहा था....
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दिल्ली: देश के विख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश का कोरोना से निधन, दो महीने तक आईसीयू में लड़ी जिंदगी की जंग

दो महीने तक आईसीयू में कोरोना वायरस से जंग लड़ रहे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर रमेश कुमार की आखिरकार मौत हो गई। शुक्रवार देर शाम डॉ. रमेश कुमार ने अस्पताल के आईसीयू में दम तोड़ दिया। हड्डी रोग विशेषज्ञता को लेकर देश के जाने माने डॉक्टरों में से एक रमेश कुमार केंद्रीय हड्डीरोग संस्थान (सीआईओ) के प्रमुख भी रहे। 

रीढ़ की हड्डी से जुड़ी विशेषज्ञता प्राप्त डॉ. रमेश कुमार ने 39 साल में हजारों सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को नया जीवन दिया। उनके नाम 100 से भी अधिक शोध प्रकाशित हो चुके हैं। पिछले एक साल में कोरोना वायरस ने डॉ. रमेश कुमार की भांति कई चर्चित और अनुभवी चिकित्सकों को छीन लिया।

साल 2016 में धापू देवी नाम की 108 वर्षीय महिला को डॉ. रमेश कुमार की बदौलत ही चलना नसीब हुआ था क्योंकि बुजुर्गावस्था और कूल्हे में समस्या होने के चलते यह महिला लंबे समय से बिस्तर पर थीं। अधिक उम्र की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए डॉ. रमेश कुमार ने कूल्हा प्रत्यारोपण करने के बाद तीन दिन में ही इन्हें बिस्तर से खड़ा कर दिया था। इस उम्र में यह देश का पहला मामला था।

जानकारी के अनुसार डॉ. रमेश कुमार दो महीने पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। शुरूआती दिनों में इनकी हालत स्थिर थी लेकिन दूसरी लहर के दौरान जहां एक तरफ ज्यादातर मामले सांस फूलने और ऑक्सीजन की मांग को लेकर सामने आ रहे थे।

उसी दौरान डॉ. रमेश कुमार की तबियत बिगड़ती चली गई। आनन-फानन इन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। यहां वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी रही लेकिन उनकी कुछ हद तक ही उनके स्वास्थ्य को बेहतर करने में कामयाबी मिल पाई थी।

अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि करीब दो सप्ताह से डॉ. रमेश कुमार की हालत बिगड़ रही थी। काफी प्रयास के बावजूद उन्हें बचाने में कामयाब नहीं रहे। वहीं डॉ. रमेश कुमार की मौत की सूचना से हर कोई स्तब्ध रह गया।

अस्पताल के डॉक्टरों को जब इस सूचना पर यकीन नहीं हुआ तो प्रबंधन के जरिए व्हाट्सएप ग्रुप पर इसकी पुष्टि की है। इस दौरान अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। अस्पतालों के डॉक्टरों ने कहा कि न सिर्फ अस्पताल बल्कि देश ने एक कर्मठ और अनुभवी चिकित्सक को खो दिया। सफदरजंग अस्पताल में सीआईओ को ऊंचाईयों तक ले जाने में डॉ. रमेश कुमार का काफी योगदान रहा है। 
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दिल्ली: अवैध ड्रग्स तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

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