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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार
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ये चार राशि के लोग हो जाएं सावधान, कष्टकारी रहेगा शनिवार

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चिराग तले अंधेरा: अपनों की नाराजगी भांपने में क्यों नाकाम रहा 'मौसम वैज्ञानिक' का बेटा? 'तख्तापलट' की पूरी कहानी

बिहार में राजनीति का नया अध्याय लिख दिया गया। कल तक जो एक राजनीतिक पार्टी का अध्यक्ष था, उसे चंद लम्हों में पैदल कर दिया गया। यूं कह लीजिए कि सियासी चालों ने उसे 'राजा' से 'रंक' बना दिया। दरअसल, लोक जनशक्ति पार्टी यानी एलजेपी में हुए राजनीतिक 'तख्तापलट' से चिराग पासवान की हालत ऐसी ही हो गई है। चिराग पासवान, उन रामविलास पासवान का बेटा है, जिन्हें भारतीय राजनीति का मौसम वैज्ञानिक कहा जाता था। जिन्हें सियासी मिजाज भांपने में माहिर माना जाता था। फिर ऐसा क्या हुआ कि उनका बेटा ही अपनों की नाराजगी को समझ नहीं पाया? या इस उलटफेर की नींव बिहार विधानसभा चुनाव में ही रख दी गई थी? क्या है इन सियासी दांव-पेचों की पूरी कहानी, जानते हैं इस रिपोर्ट में...
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ब्लैक फंगस: बिहार में अब तक 76 की मौत, 333 मरीज उपचाराधीन

कोरोना वायरस के बाद ब्लैक फंगस महामारी अब कहर बरपा रही है। बिहार में ब्लैक फंगस संक्रमण से रविवार तक 76 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि इस रोग से ग्रसित 333 मरीज इलाजरत हैं। स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी दी है।

विभाग के मुताबिक, बिहार में ब्लैक फंगस (काला कवक) के अब तक 562 मामले सामने आए हैं जिनमें से आठ मामले पिछले 24 घंटे के भीतर सामने आए हैं। राज्य में ब्लैक फंगस से पीड़ित 153 मरीज अब तक ठीक हुए, जिनमें पिछले 24 घंटे के भीतर ठीक हुए चार मरीज भी शामिल हैं। इससे पीड़ित 76 मरीज की अब तक मौत हो चुकी है जिनमें पिछले 24 घंटों के दौरान तीन मरीजों की मौत हुई है।

पटना शहर स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) के अधीक्षक डॉक्टर मनीष मंडल ने बताया कि उनके अस्पताल में ब्लैक फंगस के अब तक 186 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से वर्तमान में 114 इलाजरत हैं। पटना एम्स के कोविड प्रभारी ने बताया कि 12 जून को आईजीआईएमएस में एक बुजुर्ग मरीज के मस्तिष्क का सफल ऑपरेशन कर ब्लैक फंगस को निकाला गया।

इस ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले आईजीआईएमएस के न्यूरो सर्जन डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि जमुई के रहने वाले अनिल कुमार (60) को दौरा पड़ रहा था। वह बेहोश हुए जा रहे थे, जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर थी। उन्होंने बताया कि अनिल कुमार के मस्तिष्क में दो हफ्ते में ही ब्लैक फंगस इतना बड़ा हो गया। दो हफ्ते पूर्व उन्हे परेशानी हुई थी, जिसके बाद परिजन उनका इलाज घर पर ही करा रहे थे। जब वह आईजीआईएमएस लेकर आए तो पता चला कि ब्लैक फंगस है। मस्तिष्क में जाल बनाने वाले इस फंगस के कारण मरीज को मिग्री आ रही थी और वह बेहोशी की हालत में था।

डॉक्टर ब्रजेश ने बताया कि चिकित्सकों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने तीन घंटे लंबे ऑपरेशन में मरीज के मस्तिष्क से क्रिकेट की बॉल से भी बड़े आकार का ब्लैक फंगस निकाला है। फिलहाल, मरीज खतरे से बाहर है।

उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन काफी जटिल था क्योंकि मस्तिष्क में ब्लैक फंगस ने काफी जाल फैला लिया था। ब्लैक फंगस नाक और आंखों को थोड़ा छूते हुए मस्तिष्क में आगे की तरफ पहुंच गया था जहां यह तेजी से फैल गया था।

डॉक्टर मनीष मंडल ने बताया कि मरीज अनिल कुमार की आंखे बच गई हैं क्योंकि फंगस से आंखों को अधिक नुकसान नही पहुंचा। नाक के रास्ते फंगस मस्तिष्क में पहुंचा है। अमूमन ब्लैक फंगस मस्तिष्क तक पहुंचने से पहले आंखों को नुकसान पहुंचाता है, लेकिन इस केस में ऐसा नहीं हुआ है।
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बिहार : एलजेपी में बड़ी फूट, पांच सांसदों ने छोड़ा चिराग पासवान का साथ

लोक जनशक्ति पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी प्रमुख और सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व से अलग होने का फैसला कर लिया है। यह एलजेपी में बड़ी फूट की तरफ अंदेशा लगाया जा रहा है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, रामविलास पासवान के भाई और चिराग के चाचा पशुपति पारस लोक जनशक्ति पार्टी के संसदीय दल के नेता बनाए गए हैं। 

लोक सभा के स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर इसके बारे में सभी पांच सासंदों ने इसकी सूचना दी है।  सूत्र बताते हैं कि इन पांच सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मांग की है कि उन्हें एलजेपी से अलग मान्यता दी जाए। अगर ऐसा होता है तो इनका ये कदम चिराग के लिए बिहार की राजनीति में मुश्किल खड़ी करने वाला होगा।

चाचा बने बागी, भाई ने भी नहीं दिया साथ
यह फैसला तब हुआ है जब केंद्र सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना बना रही है। पार्टी के पांच सांसदों ने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है।इनमें पासुपति पारस पासवान (चाचा), प्रिंस राज (चचेरे भाई), चंदन सिंह, वीणा देवी, और महबूब अली केशर शामिल हैं। अब चिराग पार्टी में अकेले ही रह गए हैं। पहले चार सांसदों के अलग होने की खबर आई थी।चिराग के चाचा पशुपति पारस की अगुवाई में यह टूट हुई है। उनके भाई प्रिंस भी अब अलग हो गए हैं।






केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सियासत हुई तेज
बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा चल रही है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में बदलाव संभव है। ऐसे में लगातार सियासत तेज हो रही है। वहीं दूसरी ओर जेडीयू में भी घमासान जारी है। 

अभी एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 16 सांसद हैं। पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू के शामिल होने की चर्चा थी। हालांकि अंत में बात नहीं बन सकी थी। अब इधर एलजेपी में फूट की खबर ने सियासत को और तेज कर दिया है।

जेडीयू में शामिल हो सकते हैं पांचों सांसद
सूत्रों के मुताबिक, ये पांचों सांसद जेडीयू ज्वॉइन कर सकते हैं। बताया गया है कि ये सभी सांसद बिहार विधानसभा चुनाव के समय से चिराग पासवान से नाराज चल रहे थे। ऐसे में एलजेपी में इस फूट की अटकलें तो पहले से लगाई जा रही थीं, इंतजार तो बस उस वक्त का था जब ये सांसद ये बड़ा कदम उठाते, अब वो कदम उठा लिया गया है और एलजेपी के सामने बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है।

वैसे भी बिहार विधानसभा चुनाव में एलजेपी ने जब भाजपा-जेडीयू से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तभी से सीएम नीतीश कुमार और उनके पार्टी के लोग चिराग से नाराज चल रहे थे। चुनाव के नतीजों ने भी साफ कर दिया कि चिराग की पार्टी की वजह से ही कई जगहों पर जेडीयू की सीटें कम पड़ गई। अब इतना सब कुछ होने के बाद अगर एलजेपी के पांच सांसदों ने जेडीयू ज्वाइन कर ली, तो ये चिराग के लिए बड़ी किरकिरी साबित होगी।

बिहार विधानसभा में शून्य पर है लोजपा
बिहार में एनडीए गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने वाली लोजपा को बिहार विधानसभा में केवल एक ही सीट मिली थी। बाद में लोजपा विधायक राज कुमार सिंह जेडीयू में शामिल हो गए थे। अब लोजपा का बिहार विधानसभा या विधान परिषद में कोई विधायक नहीं है।
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लापरवाही: बिहार में महिला को पहले कोविशील्ड की वैक्सीन लगी, पांच मिनट बाद ही कोवाक्सिन भी लगा दी

देश में कोरोना महामारी को हराने के लिए लगातार टीकाकरण जारी है। अब तक 22 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है। लेकिन इस दौरान कई लापरवाही के मामले भी सामने आ रहे हैं। ताजा वाकया है बिहार की राजधानी पटना के पुनपुन प्रखंड की जहां एक 63 वर्षीय वृद्ध महिला को 5 मिनट के अंतराल पर कोविड-19 के दोनों वैक्सीन कोविशील्ड और कोवाक्सिन के टीके लगा दिए गए। 

63 वर्षीय सुनीला देवी कोविड-19 का टीका लेने के लिए पुनपुन प्रखंड के बेलदारीचक मिडिल स्कूल पर पहुंची थी जहां पर मौजूद नर्स  ने भारी लापरवाही की।  बताया जा रहा है कि इससे टीकाकरण केंद्र के एक कमरे में कोविशील्ड और कोवाक्सिन दोनों का टीका दिया जा रहा था। इसी दौरान सुनीला देवी ने सबसे पहले अपना रजिस्ट्रेशन करवाया उसके बाद एक कतार में खड़े होकर सबसे पहले कोविशील्ड टीका ले लिया।

इसके बाद नर्स ने अवलोकन के लिए उन्हें पांच मिनट बैठने को कहा। फिर महिला दूसरे कतार में जाकर बैठ गई जिसके बाद दूसरी नर्स ने उसे कोवाक्सिन का टीका लगा दिया। हालांकि महिला ने दावा करते हुए कहा कि उसने इसका विरोध किया था लेकिन नर्स ने फिर भी जबरदस्ती टीका लगा दिया। 

सुनीला देवी ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि पहला टीका देने के बाद जब मैं बैठी हुई थी तो दूसरी नर्स फिर से टीका लगाने लगी। मैंने मना किया और कहा कि एक हाथ में मुझे टीका लग चुका है तो उन्होंने कहा कि दूसरा भी उसी हाथ में लगेगा। महिला ने सरकार से दोनों नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सुनीला देवी के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद से डॉक्टरों की टीम लगातार सुनीला देवी के स्वास्थ्य पर नजर बनाई हुई है।  इस घटना को 3 दिन बाद भी सुनीला देवी के स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर 14 दिन तक कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलता है तो महिला की एंटीबॉडी की जांच की जाएगी और फिर इसपर परीक्षण भी किया जा सकता है।
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सियासत : पशुपति कुमार पारस ने लोजपा की सभी समितियों को किया भंग, अपने चारों सांसदों को दी बड़ी जिम्मेदारी

सांसद पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में लोजपा गुट ने राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी और विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियों को भंग करते हुए अपने चारों सांसदों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत सांसद चौधरी महबूब अली कैसर और वीणा देवी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और  प्रिंस राज एवं चंदन सिंह को राष्ट्रीय महासचिव घोषित किया है।

इस फैसले के बाद पशुपति कुमार पारस ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी की जो पुरानी कमेटी थी, राष्ट्रीय हो, प्रदेश की हो या जितने भी प्रकोष्ठ हैं, सभी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। नई छोटी सी कमेटी तत्काल कार्य करने के लिए बनाई गई है, 8 लोगों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बनाई गई है।   

बता दें कि लोजपा के पांच सांसद पशुपति कुमार पारस, चौधरी महबूब अली कैसर, वीणा देवी, चंदन सिंह और प्रिंस राज ने चिराग पासवान को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया। इसके बाद उन्होंने चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस को अपना नेता चुन लिया।

चिराग पासवान ने किया भावुक ट्वीट
गौरतलब है कि पार्टी में हुई बगावत को लेकर चिराग पासवान ने अपने चाचा के नाम के नाम भावुक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि पापा की मौत के बाद आपके व्यवहार से मैं टूट गया। मैं पार्टी और परिवार को साथ रखने में असफल रहा। बता दें कि चिराग एक पुराना पत्र भी ट्विटर पर साझा किया। चिराग पासवान ने ट्वीट में लिखा, 'पापा की बनाई इस पार्टी और अपने परिवार को साथ रखने के लिए किए मैंने प्रयास किया, लेकिन असफल रहा। पार्टी मां के समान है और मां के साथ धोखा नहीं करना चाहिए। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। पार्टी में आस्था रखने वाले लोगों का मैं धन्यवाद देता हूं। एक पुराना पत्र साझा करता हूं।'
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लोजपा में रार: पारस ने चुनावों को सही बताया, बोले- चिराग अब न तो राष्ट्रीय अध्यक्ष, न ही संसदीय दल के नेता

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में चाचा पशुपति कुमार पारस और उनके भतीजे चिराग पासवान की लड़ाई लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के बाद अब चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। दोनों ने ही पार्टी पर अपनी दावेदारी जताई है। पशुपति कुमार पारस ने खुद के अध्यक्ष चुने जाने का दस्तावेज आयोग को भेजने की बात कहते हुए पार्टी पर दावा जताया है। उन्होंने पार्टी का झंडा और चुनाव चिह्न के उपयोग की इजाजत मांगी है। उनके दावे को गलत साबित करने के लिए चिराग भी चुनाव आयोग पहुंच गए हैं।

अपनी दावेदारी के लिए चिराग पासवान समर्थकों के साथ शुक्रवार की शाम चुनाव आयोग पहुंचे। चिराग ने कहा कि लोजपा के 5 सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। हमने आयोग के सामने अपनी बातें रखीं। हमने उनके संज्ञान में दिया कि 2019 में लोजपा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ और मुझे जिम्मेदारी दी गई, हर 5 साल में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है। 

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पार्टी से निलंबित किया गया है जिसमें 5 सांसद, 2 प्रदेश अध्यक्ष, 1 राष्ट्रीय महासचिव, 1 हमारी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। ये लोग कहीं न कहीं पार्टी के नाम पर दावा करने का प्रयास कर रहे हैं।



चिराग ने दावा किया कि कार्यकारिणी का बहुमत उनके साथ है। चिराग ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुझे चुना गया था। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मैं ही पार्टी का अध्यक्ष हूं। अगर कोई अध्यक्ष होने का दावा करता है तो वो गलत है। हमने इस मामले में चुनाव आयोग को सूचित किया है। आयोग ने हमें उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है। 

चिराग पासवान ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने बिना हमारी पार्टी के संविधान के फैसला देकर गलती की है। मैं लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करूंगा और उन्हें हमारी पार्टी के संविधान के बारे में बताएंगे। हमने 10 लोगों को पार्टी से निलंबित किया था। इसमें पांच सांसद भी हैं।

चिराग ने चाचा पारस पर हमला बोलते हुए कहा कि वे आखिर तस्वीरें क्यों जारी नहीं कर रहे हैं। हम भी देखें वहां कौन-कौन लोग थे? केवल अफवाह फैलाई जा रही है। वहीं, पशुपति पारस ने भी चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेरा निर्वाचन केवल सर्वसम्मति से हुआ है। लोजपा के राष्टीय अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए मुझे रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा चिट्ठी मिली है। जिसे आज हम चुनाव आयोग के दफ्तर में जमा कर देंगे। प्रधानमंत्री तय करते हैं कि किसे मंत्री पद देना है।


 
 
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चिराग की चिंता: पार्टी पर चाचा के कब्जे के बाद स्पीकर को लिखी चिट्ठी, संसदीय दल का नेता मानने पर ऐतराज

बिहार में दलित नेता स्व. रामविलास पासवान द्वारा स्थापित लोजपा उनके पुत्र चिराग पासवान के हाथ से फिसल गई। पासवान के छोटे भाई पशुपति पारस को पटना में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। इसके बाद चिराग पासवान ने कार्यकारिणी की बैठक को अवैधानिक बताते हुए इसमें कोरम नहीं होने का दावा किया है। उधर, चिराग हार मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने अब भी खुद को पार्टी अध्यक्ष बताते हुए कहा कि वह जरूरत पड़ी तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।

पिता द्वारा बनाई पार्टी को टूटते नहीं देख सकता : चिराग
चाचा की अपने खिलाफ बगावत के बाद चिराग पासवान ने कहा, 'अपने पिता द्वारा बनाई गई पार्टी का इस तरह टूटते नहीं देख सकता हूं। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा। मैं लंबी जंग के लिए तैयार हूं। मैं शेर का बेटा हूं और डरता नहीं हूं। मैं अब भी लोजपा अध्यक्ष हूं।' 
 
चिराग का दावा-कार्यकारिणी के 75 में से केवल नौ सदस्य मौजूद थे
चिराग ने कहा कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन 75 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी करती है। पटना में हुई बैठक में केवल नौ सदस्य मौजूद थे। निलंबित सदस्यों ने मेरे चाचा को अध्यक्ष चुना है। 

लोस स्पीकर को लिखा पत्र, पारस को संसदीय दल का नेता मानने पर पुनर्विचार करें
चिराग पासवान ने बताया कि मैंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे पशुपति पारस को पार्टी के संसदीय दल का नेता मानने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करें। हमारी पार्टी का संविधान कहता है कि संसदीय दल या विधायक दल का नेता केंद्रीय संसदीय बोर्ड द्वारा चुना जाएगा।  लोजपा नेता ने कहा कि लोस स्पीकर ओम बिडला को हमारी पार्टी के संविधान की जानकारी नहीं है, इसलिए उन्होंने पारस को संसदीय दल का नेता मान लिया है। मैंने बिड़ला को सूचित किया है कि पारस की नियुक्ति अवैध है। 

पारस को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया
इससे पहले पटना में हुई बैठक राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस को लोजपा का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। लोजपा कार्यालय में इसकी औपचारिक घोषणा भी कर दी गई। अध्यक्ष बनने के बाद पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान पर निशाना साधा। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। 

चार घंटे चली बैठक, 71 सदस्यों ने एकमत से समर्थन किया
लोजपा नेता सूरजभान सिंह के पटना के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित आवास पर चार घंटे से अधिक चली बैठक में 10 प्रस्तावकों ने पशुपति पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए रखा।सूरजभान सिंह ने कहा कि पशुपति पारस को पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 71 सदस्यों ने एक मत से समर्थन दिया है।
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अध्यक्ष बनकर पशुपति पारस: बोले- प्रजातंत्र से चलती है पार्टी, भतीजा तानाशाह हो जाएगा तो चाचा क्या करेगा

चिराग पासवान।
 लोक जनशक्ति पार्टी आखिरकार दो गुटों में बंट गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए पशुपति कुमार पारस को अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारस को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। गुरुवार की शाम लोजपा कार्यालय से इसका औपचारिक एलान भी कर दिया गया।  राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पशुपति पारस के नाम पर सांसदों ने एकमत से सहमति जताई। पार्टी की कमान संभालने के बाद पशुपति पारस ने चिराग पासवान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भतीजा तानाशाह हो जाएगा तो चाचा क्या करेगा। पार्टी प्रजातंत्र से चलती है और प्रजातंत्र है कोई जिंदगी भर अध्यक्ष नहीं रह सकता। 

अध्यक्ष बनने के बाद पशुपति पारस पांचों सांसदों और अन्य नेताओं के साथ पटना के लोजपा कार्यालय पहुंचे। वहां पर दिवंगत नेता और बड़े भाई रामविलास पासवान और रामचंद्र पासवान की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। पशुपति पारस ने कहा कि मेरी पार्टी के लोगों ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं, मैं भरोसा दिलाता हूं कि पार्टी और जनता का विश्वास कभी नहीं टूटेगा। इस दौरान पशुपति पारस ने बड़े भाई रामविलास पासवान का भी जिक्र किया। पारस ने कहा कि बड़े भाई का सपना था कि समाज में गिरे तबके के लोगों के जीवनयापन में बदलाव लाना है,  बड़े भाई का सपना पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। 

सूरजभान सिंह के आवास पर चली बैठक
इससे पहले लोजपा नेता सूरजभान सिंह के कंकड़बाग टीवी टॉवर स्थित उनके आवास पर चार घंटे से अधिक बैठक हुई। इसमें 10 प्रस्तावकों ने पारस का नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए रखा। सूरजभान सिंह ने कहा कि पशुपति पारस को पार्टी का निर्विरोध अध्यक्ष चुन लिया गया है। गुरुवार की सुबह 11 बजे से 3 बजे तक चली कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया। 71 सदस्यों ने एक मत से समर्थन दिया है। 

दो गुटों में बटी लोजपा
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से लोक जनशक्ति पार्टी ( लोजपा) पर कब्जे की लड़ाई चल रही थी। पार्टी चाचा पशुपति कुमार पारस और भतीजा चिराग पासवान के बीच बंट गई ।इससे पहले दोनों गुटों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर गए थे। दिल्ली से लेकर पटना तक दोनों गुटों के कार्यकर्ता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटे रहे। पशुपति पारस पार्टी में तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं। तो चिराग पासवान चाचा पर विश्वासघात का आरोप लगा रहे हैं। 
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पटना: परिवार के दबाव में शादी कर रहा था युवक, जयमाल के वक्त पहुंची पहली बीवी, जानें फिर क्या हुआ?

बिहार की राजधानी पटना में एक शख्स की जबरन दूसरी शादी कराने का मामला सामने आया। इस घटना की जानकारी पहली पत्नी को लगी तो वह जयमाल के वक्त मौके पर पहुंच गई। इसके बाद शादी रोक दी गई। यह पूरा मामला पटना से सटे बिहटा का है। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद दुल्हन की शादी युवक के छोटे भाई से करा दी गई। 

यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, पटना जिले के पालीगंज अनुमंडल के सिगोडी थाना क्षेत्र के मुरारचक गांव में भीम यादव के घर बरात आई थी। उनकी बेटी पिंकी का रिश्ता पालीगंज थाना क्षेत्र के सियारामपुर गांव निवासी अनिल कुमार से हुआ था। 

शादी के मंडप में हंगामा
तय कार्यक्रम के अनुसार, 15 जून को बरात मुरारचक गांव के लिए निकल गई। बरात दुल्हन के दरवाजे पर पहुंची तो जमकर सत्कार किया गया। इसके बाद स्टेज पर वरमाला के कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई। उस दौरान अचानक एक युवती पुलिस के साथ शादी के मंडप में पहुंच गई, जिसके बाद हंगामा होने लगा। 

जबरन हो रही थी युवक की शादी
बताया जा रहा है कि अनिल का प्रेम प्रसंग काफी समय से पालीगंज थाना क्षेत्र के सडसी गांव निवासी एक युवती से चल रहा था। परिवार वालों के डर से दोनों ने चोरी-छिपे शादी कर ली और एक साथ रहने लगे। इस दौरान लड़के के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। 

युवती ने ली पुलिस की मदद
जब युवती को अपने पति की दूसरी शादी होने का पता लगा तो वह सिगोडी थाने पहुंच गई। उसने पुलिस को सबकुछ बताया और शादी रुकवाने की अपील की। हकीकत पता लगते ही पुलिस शादी के मंडप में पहुंच गई और शादी रुकवा दी। इस दौरान युवक ने पहली शादी होने की बात कबूली और परिजनों के दबाव में दूसरी बार विवाह होने की जानकारी दी। ऐसे में पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसके बाद लड़के के छोटे भाई से दुल्हन की शादी करा दी गई। 
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बिहार: पटना पहुंचे कुमार पारस, लोजपा में फूट पर चिराग के तर्क को दी चुनौती

लोक जनशक्ति पार्टी के नेता पशुपति कुमार पारस ने चिराग पासवान द्वारा उन्हें पार्टी संसदीय दल का नेता चुने जाने को अमान्य ठहराए जाने को बुधवार को चुनौती देते हुए दावा किया यह पार्टी के संविधान के अनुरूप है।

लोजपा में राजनीतिक तख्तापलट के बाद पहली बार पटना पहुंचे पारस ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चिराग पर निशाना साधते हुए कहा कि लोजपा में एक नेता-एक पद का सिद्धांत है और इसी आधार पर चिराग को कल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाया गया।

चिराग ने अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले गुट द्वारा लिए गए फैसलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि पार्टी का संविधान उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं देता। इसपर पारस ने कहा, चिराग ने जो बातें कही हैं वो पूरी तरह गलत हैं। जब लोकसभा अध्यक्ष ने मुझे सदन में पार्टी का नेता घोषित कर दिया तो पार्टी दल के संसदीय बोर्ड क्या होता है।

उन्होंने कहा, चिराग एक साथ पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष, सदन में नेता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाल रहे थे जो पूरी तरह गलत था। हमने इसे दुरूस्त किया है। पार्टी संविधान में एक नेता एक पद का स्पष्ट उल्लेख है। उन्होंने कहा कि सूरजभान सिंह को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है और बृहस्पतिवार को सिंह के आवास पर पार्टी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा।

इससे पहले सूरजभान सिंह के साथ पटना हवाईअड्डा पहुंचने पर सैकड़ों की संख्या में उनके समर्थकों ने पारस का स्वागत किया। वहीं, पार्टी कार्यालय पहुंचने पर चिराग के समर्थकों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की। लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति नियंत्रित कर लिया हालांकि पारस के प्रदेश पार्टी मुख्यालय पहुंचने से पहले ही उनके समर्थकों ने वहां से चिराग के पोस्टर हटा दिए थे।

दिलचस्प बात यह है कि लोजपा के दोनों गुट स्वयं को भाजपा नीत राजग का समर्थक बताते हैं, लेकिन राजग घटक दल भाजपा और जदयू ने अभी तक इसपर कुछ नहीं कहा है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने लोजपा के भीतर उथल-पुथल को पार्टी का अंदरुनी मामला बताते हुए इसपर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार कर दिया।

वहीं, प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल राजद के प्रदेश प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते चिराग पार्टी सांसदों के निष्कासन सहित कोई भी कार्रवाई करने के लिए अधिकृत हैं।

उन्होंने कहा कि पारस को लोजपा के टूटे हुए गुट के नेता के रूप में स्वीकार किया जा सकता है लेकिन पार्टी के नेता के तौर पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया, ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा और जदयू दोनों ने अपने कनिष्ठ सहयोगी को खत्म करने की साजिश की है।

वहीं, लोजपा संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान के पुराने सहयोगी और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा, लोजपा की टहनियां छंट गईं लेकिन उसका जड़ और तना तो रामविलास भाई के चिराग ही हैं।
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बिहार: मानसून की पहली बारिश ने बढ़ाई बाढ़ की चिंता, गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 12 जिलों में रेड अलर्ट

बिहार में मानसून की पहली बारिश ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है,तो वहीं गांगा, गंडक, बूढ़ी गंडक समेत कई नदियां नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं। पहली बार गंडक नदी जून में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।  मानसून की शुरुआत में ही चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी हो गया। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के चलते बिहार में बाढ़ के हालात बन गए हैं।  वहीं मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत 12 जिलों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सुपौल, पटना, अररिया, किशनगंज, और दरभंगा जिले में एनडीआरएफ टीम की तैनाती कर दी गई है। 

मुजफ्फरपुर में नदी में गिरने से तीन लोगों की मौत
वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक गुरुवार दर्दनाक हादसा हो गया।  एक तेज रफ्तार कार के बाया नदी में गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई , वहीं तीन लोग पानी में डूब गए। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से डूब रहे तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। 
 

शुक्रवार तक बारिश की चेतावनी
पटना में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एनडीआरएफ की एक टीम पटना जिले में तैनात की गई है। दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बारिश को लेकर पटना, गया, नालंदा, गोपालगंज, सीवान सहित 12 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवा, बिजली गिरने के साथ 40 एमएम तक वर्षा होने का अनुमान जताया है। विभाग ने अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद सहित 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बारिश को लेकर 18 जून तक चेतावनी जारी की है।

गंडक में जून में पहली बार इतना पानी
16 जून को गंडक नदी पश्चिम चंपारण के त्रिवेणी में और गोपालगंज के डुमरियाघाट में खतरे के निशान से ऊपर थी तो बूढ़ी गंडक चनपटिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा, बागमती, पुनपुन, खिरोई, घाघरा और कोसी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंडक का जलस्राव 4.12 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जल संसाधन विभाग ने बताया कि गंडक में मानसून की शुरुआत में इतना पानी कभी नहीं रहा।
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बिहार: चाचा पारस का चिराग पर पलटवार, बोले- पार्टी संविधान में साफ लिखा है 'एक व्यक्ति-एक पद'

बिहार में गर्माए राजनीतिक माहौल में सियासी समीकरण बनने-बिगड़ने के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इसी क्रम में लोजपा नेता पशुपति कुमार पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान पर एक बार फिर निशाना साधा है।

पारस ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बुधवार को कहा कि हमारी पार्टी के संविधान में साफ लिखा है कि एक व्यक्ति-एक पद। चिराग पासवान 2013 से पार्लियामेंट्री बोर्ड के चेयरमैन हैं, 2019 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया, इसके लिए चुनाव नहीं हुआ, नामांकन नहीं हुआ। इसके बाद वो संसदीय दल के नेता बने। 

उन्होंने कहा कि पार्टी के संविधान के खिलाफ एक व्यक्ति 3 पद पर रहा, इसलिए पार्टी ने फैसला लिया कि इन्हें (चिराग पासवान) संसदीय दल के नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त किया जाए।

पारस ने कहा कि आप चिराग पासवान से जरूर पूछें कि उन्होंने मुझे प्रदेश अध्यक्ष पद से क्यों हटाया। पद पर न होने के बाद भी उन्होंने ऐसा किया। हमने मेरी देखरेख में बिहार का चुनाव लड़ा और सभी छह सांसद जीते। चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हमें सबसे ज्यादा वोट मिले। हम एनडीए के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन वह (चिराग पासवान) इसके लिए राजी नहीं हुए। यही वजह है कि लोजपा खत्म होने की कगार पर है।
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पटना: जीतन राम मांझी के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री संतोष मांझी के आवास में लगी आग, बाल-बाल बचे विधायक और परिजन

बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर आ रही है। बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन के आवास में आग लग गई है। आग लगने से घर में रखे बहुत से सामान जलकर खाक हो गए। राज्य के लघु सिंचाई एवं अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन के बुधवार सुबह आग लग गई। इससे हड़कंप मच गया। मंत्री समेत परिवार के लोगों को सुरक्षित निकाल कर फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में जुट गई।
 
आवास में अचानक लगी आग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन के आवास में सुबह करीब 8.30 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग एक घर से दूसरे घर में फैल गई। आग के खौफनाक रूप देखते हुए विधायक और परिवार के लोग बाहर निकले और इसकी सूचना सचिवालय थाने को दी। सचिवालय एवं छज्जू बाग से दमकल की गाड़ियां पहुंची। इसके बाद आग पर काबू पा लिया गया। 

 
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